असम में विनाशकारी बाढ़ का कोहराम जारी है। प्रदेश में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है, वहीं भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 2 पर पहुंच गई है। बता दें की असम में में पिछले 24 घंटों में लगातार हो रही भारी बारिश से नलबाड़ी, बारपेटा, धुबरी, मोरीगांव और गोलाघाट जिलों में बाढ़ के कारण कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच बेहिसाब बारिश ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी है।सड़कें दरिया और गांव समंदर बने हुए हैं।

पिछले 24 घंटे से जारी भारी बारिश की वजह से कई नए इलाकों को भी बाढ़ ने अपने चपेट में ले लिया है।असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के आंकड़ों के मुताबिक असम में बाढ़ से 1.79 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल बर्बाद हो चुकी है। इंसानों के साथ-साथ जानवरों का भी बुरा हाल है। मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क व पोबीतोरा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का 90 फीसदी हिस्सा पानी में डूब चुका है।ब्रह्मापुत्र समेत अन्य नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर कायम है।

लोअर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना के जवान 11 जून 2019 से ही बड़े पैमाने पर बाढ़ राहत अभियान चला रहे हैं। पिछले 6 दिनों में सेना ने 488 लोगों की जान बचाई है, जबकि 450 लोगों तक राहत पहुंचाई है। स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के 10 बीजेपी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य में बाढ़ से निपटने और राहत पहुंचाने में केंद्र हर संभव मदद करेगा।