असम के माइबोंग के रेलवे स्टेशन पर हो रहे प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत के बाद वहां अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है। अब कर्फ्यू के दौरान दक्षिण और मध्य असम के बीच ट्रेन से सफर करने वाले 2000 से ज्यादा लोग फंस गए।

 

बता दें कि ग्रेटर नागालिम में दीमा हसाओ जिले के विलय के खिलाफ इलाके में ये विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इस विरोध प्रदर्शन में इलाके को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। जिसमें हिंसा के बाद पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी।  असम में आरएसएस के एक नेता के बयान से बवाल मचा हुआ है।  इसी को लेकर डिमा हसाओ जिले में लोग उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। 

बुधवार को हुई पुलिस गोलीबारी के विरोध में कई संगठनों ने 48 घंटे का डिमा हसाओ जिला बंद का आह्वान किया था। इसके अलावा पुलिस ने बताया कि उसने लखीमपुर जिले में कल रात तलाशी अभियान के दौरान एक आईईडी और दो जिलेटिन की छड़ें बरामद कीं।  तीन विस्फोटों को तिनसुकिया जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर उल्फा (आई) के संदिग्ध उग्रवादियों ने अंजाम दिया।

गौरतलब है कि माइबांग रेलवे स्‍टेशन पर जब प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों को बाधित करने की कोशिश की तो पुलिस ने उनके ऊपर गोली चला दी। पुलिस की इस फायरिंग में दाे लोगों की मौत हो गर्इ। जिसके बाद हालात को काबू करने के लिए डिमा हसाओ के माइबोंग इलाके में कल अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया।