असम कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें दुनिया का बेस्ट एक्टर करार दिया। पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने मीडिया कमियों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी नि:संदेह दुनिया के बेस्ट एक्टर हैं। एक्टर के अलावा मोदी फ्रॉड भी हैं। मोदी कल सुनसान बोगीबील पुल पर गमछे(असम के प्रतीक) को हवा में हिला रहे थे। उन्होंने साबित कर दिया कि वह एक्टर हैं। उन्हें दूसरों के योगदान का श्रेय लेना पसंद है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया ने कहा, मोदी में कोई राजनीतिक शिष्टाचार नहीं है। वह शिष्टाचार विहीन व्यक्ति है। भाजपा की सरकार ने पार्टी के लभा के लिए बोगीबील पुल के उद्घाटन का इस्तेमाल किया। असम कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एच.डी.देवगौड़ा और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को पुल के उद्घाटन के लिए नहीं बुलाने को लेकर भी मोदी को घेरा।


आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने देश के सबसे लंबे ब्रिज का उद्घाटन किया था। खुद को नहीं बुलाए जाने से पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस चीफ एच.डी.देवगौड़ा बहुत निराश हैं। देवगौड़ा ने कहा,कश्मीर तक रेलवे लाइन, दिल्ली मेट्रो और बोगीबील रेल रोड ब्रिज उन प्रोजेक्ट में से हैं, जिन्हें मैंने मंजूरी दी थी। मैंने प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए 100-100 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था और इन प्रोजेक्ट्स की आधारशिलाएं रखी थी। लोग आज भूल गए हैं। एक समारोह से इतर पत्रकारों ने पूर्व प्रधानमंत्री से पूछा कि आपकी ओर से शुरु किए गए प्रोजेक्ट का उद्घाटन होने पर आपको कैसा महसूस हो रहा है, तो उन्होंने कहा, मैंने कई परियोजनाओं को मंजूरी दी थी।


जब देवगौड़ा से पूछा गया कि क्या उन्हें पुल के उद्घाटन के लिए निमंत्रण मिला था तो उन्होंने कहा, आयो रामा! मुझे कौन याद करेगा? कुछ समाचार पत्रों ने इसका जिक्र किया है। आपको बता दें कि बोगीबील पुल
के निर्माण से जुड़ी परियोजना 1997-98 में स्वीकृत हुई थी। इस परियोजना की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने 22 जनवरी 1997 को रखी थी और इस परियोजना पर काम 21 अप्रेल 2002 को यानी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान शुरू किया गया। 5,900 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनकर तैयार हुए बोगीबिल पुल के नीचे की तरफ से दो रेल लाइन बिछाई गई है और उसके ऊपर तीन लेन की सडक़ बनाई गई है, जिस पर भारी सैन्य टैंक आसानी से गुजर सकेंगे।


इस पुल के शुरू होने के साथ ही असम से अरुणाचल प्रदेश के बीच की यात्रा का समय चार घंटे कम हो जाएगा, जबकि दिल्ली से डिब्रूगढ़ के बीच ट्रेन यात्रा में तीन घंटे की कटौती होगी। इसके अलावा इस पुल
की वजह से धेमाजी से डिब्रूगढ़ की दूरी महज 100 किलोमीटर रह जाएगी, जो सिर्फ 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि इससे पहले दोनों शहरों का फैसला 500 किलोमीटर का था, जिसे पूरा करने में 24 घंटे
का वक्त लगता था। बोगीबील पुल परियोजना को साल 1985 में हुए असम समझौते की शर्तों का एक हिस्सा बताया जा रहा है।