मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को नुमलीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक निर्माणधीन चार लेनयुक्त राजमार्ग की प्रगति सहित मौजूदा पथ की मरम्मत की सरजमीन पर्यवेक्षण किया। जोरहाट कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 21 वां समावेश में भाग लेने गए मुख्यमंत्री ने राजमार्ग का मुआयना कर निर्माण कार्य मे तेजी लाने के लिए एनएचआईडीसीएल प्राधिकरण को कड़ा निर्देश दिया।


चार लेनयुक्त पथ के निर्माण की धीमी गति देख नाराज मुख्यमंत्री सोनोवाल ने एनएचआईडीसीएल प्राधिकरण को दिन-रात काम कर इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपूर्ण करने का निर्देश दिया। जोरहाट जिले के टियोक में एनएचआईडीसीएल प्राधिकरण को यह निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने निर्माण कार्य में कोई बाधा न पहुंचे उस पर विशेष नजर डालने को कहा।

इसके अलावा चार लेनयुक्त पथ निर्माण संपूर्ण न होने तक मौजूदा मार्ग इस्तेमाल के लायक बना रहे उसके लिए भी यथासंभव पहल का निर्देश दिया। दूसरी ओर मौजूदा पथ की जर्जर हालत का उल्लेख कर एनएचआईडीसीएल प्राधिकरण को मुख्यमंत्री सोनोवाल ने जनता की शिकायत एवं असुविधाओं को दूर करने के लिए अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है।

मु्ख्यमंत्री ने कहा कि असम में बारिश होना कोई बड़ी बात नहीं है पर बारिश के कारण चार लेनयुक्त पथ निर्माण मरम्मत कार्य बाधित न हो वह एनएचआईडीएल प्राधिकरण को सुनिश्चित करना होगा इस मामले में राज्य सरकार की ओर से सभी सहयोग देने का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने अधिक सक्रियता के साथ निर्माण एवं मरम्मत का कार्य आगे बढ़ाकर ले जाने का अाग्रह किया।


एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक अजित पाल सिंह ब्रार ने मुख्यमंत्री सोनोवाल को बताया कि 6 पैकेज में नुमलीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक निर्माण कार्य चालू रहने के कारण 190 किलोमीटर लंबी यह चार लेनयुक्त राजमार्ग निर्माण 2020 के दिसंबर के भीतर संपूर्ण किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री सोनोवाल के इस पर्यवेक्षण के दौरान जोरहाट के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा और जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित एनएचआईडीसीएल के प्रबंधक रूपम डेका और रिकी आनंद भी उपस्थित थे।