असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Assam CM Himanta Biswa Sarma) ने कई ज्वलंत मु्द्दों पर अपनी जबरदस्त राय रखते हुए बात कही है। राज्य में अवैध कब्जा हटाने के दौरान हुई हिंसा की बात उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तारियां हुई है। उन्होंने यह कहा कि जिस जमीन पर कब्जा हुआ है वो 77 हजार एकड़ जमीन पर है तथा इस जमीन को सिर्फ 1 हजार परिवार को नहीं दिया जा सकता है।

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में धार्मिक स्थलों (Religious places) पर बीफ बैन (Beef Ban) लगाने को कर कहा कि असम के ज्यादातर मुस्लिम कन्वर्टेड हैं, उनके पूर्वक बीफ नहीं खाते थे, अगर वे उन्हें याद दिलाते हैं कि आपके पूर्वज बीफ नहीं खाते थे, आप कम से कम इसके इस्तेमाल को बढ़ावा नहीं दें।


यह भी पढ़ें—  मोदी सरकार बेटियों को दे रही 2000 रूपये महीना! जानिए ये मैसेज फर्जी या सही


सरमा ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान जिन लोगों को हटाया गया उनका मामला ज्यादातर नागरिकता संदिग्ध था, लेकिन उन्हें इसलिए नहीं हटाया गया क्योंकि उनकी नागरिकता संदिग्ध (suspect citizenship) थी। उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि ये 77 हजार एकड़ जमीन है, और इस पर मात्र 1 हजार परिवार का कब्जा है जो सही नहीं है। जबकि असम में नियम है कि 1 परिवार 2 एकड़ जमीन ही रख सकता है।

सीएम (Assam CM) ने कहा इस जमीन का समुचित बंटवारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध कब्जे हटाने का अभियान चलता रहता है, असम के निवासी भी हटाए जाते हैं लेकिन तब लेफ्ट लिबरल शोर नहीं करता है, लेफ्ट लिबरल शोर तभी करता है जब उन्हें फायदा होता है।सीएम सरमा ने असम में बीफ के मुद्दे (Assam Beef Issue) पर कहा है कि जो अभी मुस्लिम हैं उनके दादा बीफ नहीं खाते थे, परदादा बीफ नहीं खाते थे, यदि मैं उन्हें उनके पारिवारिक परंपरा के बारे में याद दिलाता हूं कि देखो आपके पूर्वज भी ऐसा नहीं करते थे। आप ऐसा कर सकते हो लेकिन हमारे मंदिरों के आस-पास ऐसा नहीं करो तो इसमें क्या गलत है।