असम एनआरसी में एकबार फिर बड़ी गलती सामने आई है जिसके चलते CISF जवान को डी—वोटर बताकर नोटिस दिया गया है। इससे पहले सेना में अधिकारी रह चुके और वर्तमान में असम पुलिस में अधिकारी के पद पर कार्यरत सनाउल्लाह खान को विदेशी बताकर डिटेंशन कैंप भेज दिया गया था।

इसी तरह अब असम के नागेरबेरा में रहने वाले सीआईएसएफ जवान महमूद अली को डी—वोटर नोटिस जारी किया गया है। अली असम के कामरूप जिले के नागेरबेरा के दालागांव के 48 नंबर बोको विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं।

इस पर जवान का कहना है कि अब मुझे नागरिकता साबित करने के लिए और कैसे सबूत की जरूरत है जब मैंने 25 साल तक सीआईएसएफ जवान के तौर पर देश की सेवा की है। अब सरकार की तरफ से मुझे सेवा का यह ईनाम दिया गया है। जबकि मेरे पास 1945 से यहां रहने के कागजात हैं। हालांकि अब अली द्वारा फिर से इसके लिए आवेदन किया जाएगा जिसमें सुधार होने की संभावना है।