असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आरोप लगाया कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से ही केंद्र में कांग्रेस की सरकारें भ्रष्टाचार में लिप्त रही हैं। सोनोवाल का यह आरोप उस संदर्भ में सामने आया जब बीजेपी नेता ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह दिखाता है कि इसमें कोई घोटाला नहीं है और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ झूठ फैला रहे हैं।

सोनोवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस को पांच दशक से भी अधिक समय तक देश पर शासन करने का मौका मिला, लेकिन इसने खुद को देश में सबसे भ्रष्ट पार्टी साबित किया है। सोनोवाल ने आरोप लगाया, ‘पंडित नेहरू के शासन से लेकर मनमोहन सिंह के शासन तक अगर आप कांग्रेस के इतिहास पर गौर करें तो हर कार्यकाल में आपको भ्रष्टाचार मिलेगा, चाहे कोई भी सौदा हो।’ हालांकि उन्होंने कांग्रेस सरकारों की संलिप्तता वाले किसी भी कथित भ्रष्टाचार का जिक्र नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार ने सुशासन दिया है और वह हर तबके के लोगों मुख्यत: पूर्वोत्तर के लोगों के विकास के लिये काम कर रही है। सोनोवाल ने कहा, ‘मिजोरम में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार से यह क्षेत्र अब कांग्रेस मुक्त हो गया है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद बीजेपी केंद्र में (लोकसभा चुनावों के बाद) सरकार बनायेगी और नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे।’ राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) मसौदे के पुनर्सत्यापन की असम सरकार की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 30 जून को पूर्ण एनआरसी मसौदे में कुछ ‘संदिग्धों’ के नामों की रिपोर्ट के बाद यह मांग की गई।