भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक असम से BJP के टिकट पर लोकसभा चुनावों में जीतकर आए सांसद दिलीप सइकिया सबको चौंका दिया। सइकिया ने संसद में अपने पद की शपथ देववाणी कही जाने वाली संस्कृत भाषा में अपने पद की शपथ ली। संसद में कुलमिलाकर 333 सांसदों ने अपने पद की शपथ ली है। इसी के साथ ही देश में भाषा की विविधता भी देखने को मिली। यहां पर सांसदों में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, बांग्ला समेत अनेकों भाषाओं में अपने—अपने पद की शपथ ली।

असम के 14 सांसद

असम के इस बार लोकसभा चुनावों में 14 सांसद चुनकर गए हैं। इनमें से एक ने संस्कृत भाषा में शपथ ली। वहीं, तेजपुर सांसद पल्लव लोचन दास ने हिंदी में, बांग्लाभाषी बहुल सिल्चर से चुने गए डा. राजदीप राय ने बांग्ला, स्वायत्तशासी क्षेत्र डिफू से चुने गए हरेन सिंह ने अंग्रेजी में, प्रध्युद बरदले, गौरव गोगोई, अब्दुल खालेक, तपन गोगोई, प्रदान बरूआ और केंद्र सरकार में मंत्री रामेश्वर तेली, कृपानाथ मल्लाह और क्वीन उजा ने असमिया भाषा में अपने—अपने पद की शपथ ली।

ये पहुंचे पहली बार सांसद

रामेश्वर तेली, प्रदान बरूवा और नव शराणिया के अलावा बाकी सभी सांसद पहली बार चुनकर संसद पहुंचे हैं। ये सभी सांसदों संसद के पहले सत्र में असमिया भाषा का प्रतीक असमिया गमोछा डालकर पहुंचे।