असम भाजपा के आर्इटी आैर सोशल मीडिया विभाग के सह संयोजक सुरंजन दत्त ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, उन्होंने अभी हाल ही में जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद असम की एक वामपंथी लड़की को फेसबुक पर बधार्इ दी। जिस कारण से दास को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था।

 
मंगलवार को असम के भाजपा अध्यक्ष को रंजीत दास को लिखे गए पत्र में सुरंजन दत्त ने कहा कि वे पार्टी के आर्इटी आैर सोशल मीडिया विभाग के सह संयोजक पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के लिए काउंसिलर में जीत हासिल करने के लिए मैंने श्रीजानी बिस्वा महंता को बधार्इ दी। एेसा करके मैंने पार्टी के कार्यकर्ताआें को चोट पहुंचार्इ है। अब मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं ।


दास ने लिखा कि मेरी फेसबुक पोस्ट ने कार्यकर्ताआें को नीचा दिखाया है आैर चोट पहुंचार्इ है। उन्होंने बताया कि इसके लिए मैं अब मानसिक रूप से व्यथित हूं। इस्तीफे में दत्त ने फेसबुक पोस्ट के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारी ली है आैर सभी से माफी मांगी है। असम भाजपा के महासचिव दिलीप सैकिया ने दत्त का इस्तीफा स्वीकर लिया है।


बता दें कि अभी हाल ही में देश के प्रतिष्ठित संस्थान जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव  के नतीजे आए। जिसमें इंटरनेशनल स्कूल के काउंसलर पद पर श्रीजानी बास्वा महंत ने जीत दर्ज की है। श्रीजानी के जीतने पर दात्त ने उन्हें फेसबुक पर उन्हें बधार्इ दी जो पार्टी कार्यकर्ताआें को पसंद नहीं आया आैर दास की जमकर आलाेचना की। श्रीजानी को बधार्इ देने पर पार्टी के कर्इ कार्यकर्ताआें ने तो दास पर आरोप लगाया कि वे वामपंथ का समर्थन कर रहे हैं।


उल्लेखनीय है कि श्रीजानी एक वामपंथी समर्थक हैं आैर वह असम के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (फायर आैर एमर्जेंसी सर्विस) भास्कर ज्योति महंत की बेटी हैं। श्रीजानी के अलावा असम की कार्बी काकटी ने भी जेएनयू छात्र संघ चुनाव में जीत दर्ज की है। श्रीजानी स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा हैं जबकि कार्बी जेएनयू से पीएचडी कर रही हैं।


गौरतलब है कि एबीवीपी को हराने के लिए वाम सर्मिथत आॅल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन आॅफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और आॅल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने वाम एकता (लेफ्ट यूनिटी) नाम का गठबंधन बनाकर जेएनयूएसयू चुनाव लड़ा था।