केंद्र सरकार द्वारा बिहू के दिन ही राजधानी दिल्ली में हिंदू बांग्लादेशियों को नागरिकता प्रदान करने के बारे में लिए गए फैसले के खिलाफ राज्य के 15 से अधिक गैर राजनीतिक संस्था और छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है। इधर, असम सत्र महासभा द्वारा हिंदू बांग्लादेशियों को नागरिकता प्रदान करन के लिए दिए गए समर्थन के खिलाफ असमिया जातीयतावादी युवा छात्र परिषद जोरहाट जिला समिति ने कड़ा विरोध जताया। 

परिषद के सौ से भी अधिक सदस्यों ने नगर के राजाबाड़ी स्थित मुख्य कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। वहीं अजायुछाप के जिला समिति के अध्यक्ष रितुल पाठक और बाबु दत्त ने एक बयान में कहा कि बांग्लादेशियों के पक्ष में खड़े होने वाले असम सत्र महासभा जैसे अनुष्ठान द्वारा सस्ती राजनीति करना उचित नहीं है। असम सत्र महासभा राज्यवासियों का अभिभावक नहीं है। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य में बंगाली संगठन के साथ सत्र महासभा ने हिंदू बांग्लादेशियों का पक्ष लेकर यह साबित कर दिया है अब सिर्फ राजनीतिक मुनाफा चाहिए। 

वहीं वृहत्तर असमिया युवा मंच की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष पद्मकांत दास ने कहा कि असम सत्र महासभा द्वारा गैर मुस्लिम बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने के समर्थन करने का तीव्र विरोध किया है। संगठन का मानना है कि इस विधेयक के पारित होने से असम की कला, संस्कृति खत्म हो जाएगी। संगठन का कहना है कि खिलंजीया लोगों की रक्षा के लिए उनके कार्यकर्ता अपने शरीर की अंतिम खून की बूंद तक संघर्ष करेंगे।