अखिल असम आदिवासी छात्र संस्था (आसा) के तत्वावधान में शोणितपुर, विश्वनाथ और उदालगुड़ी जिला समितियों के सहयोग से शहीद मैदान से एक रैली का आयोजन किया जिसमें आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। शहीद मैदान से निकाली गई विशाल रैली के दौरान राज्य के आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा (एसटी) देने की मांग की गई।

शहीद मैदान से शुरू हुइ रैली राष्ट्रीय मार्ग होते हुए ठाकुरबाड़ी पहुंचा, वहां से पूरा शहर भ्रमण करने के पश्चात वापस शहीद मैदान में अाकर संपन्न हुआ। रैली के दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपने हाथों में विभिन्न श्लोगन लिखे तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। दूसरी तरफ आदिवासियों को शीघ्र जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर अखिल असम आदिवासी छात्र संस्था ने असम बंद का अह्वान किया था, जिसका यहां व्यापक असर देखने को मिला।बंद के दौरान यहां दुकानों के अलावा स्कूल काॅलेज आदि बंद रहे। बंद के दौरान समाचार लिखे जान तक कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। आसा की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष स्टिफन लाकरा ने कहा कि राज्य में रह रहे आदिवासियों को जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए आजादी के बाद से ही आंदोलन जारी है। लेकिन सरकार आदिवासियों को जनजाति का दर्जा न देना बहुत ही दुर्भाग्य की बात है।


उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को संविधान के तहत जनजाति का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होने केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आदिवासियों को जानजाति का दर्जा नहीं दिया गया तो अगामी दिनों में जोरदार गणतांत्रिक आंदोलन छेड़ा जाएगा।