30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस असम (Assam byelection) की सभी पांच और मेघालय (Meghalaya  byelection) की तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि भाजपा ने पूर्वोत्तर के दो राज्यों में अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। चुनाव आयोग के एक बयान के अनुसार, 39 उम्मीदवार असम के पांच विधानसभा क्षेत्रों- गोसाईगांव, तामुलपुर, थौरा, भबानीपुर और मरियानी के लिए उपचुनाव लड़ रहे हैं।

भाजपा ने भबानीपुर से फणीधर तालुकदार (Phanidhar Talukdar), मरियानी से रूपज्योति कुर्मी (Roopjyoti Kurmi) और थौरा से सुशांत बोरगोहेन (sushant borgohain) को मैदान में उतारा है, जबकि उसकी सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (United People's Party Liberal) ने गोसाईगांव और तामुलपुर से उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस ने सभी पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) (AIUDF) ने दो सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने एक-एक उम्मीदवार उतारे हैं। कई अन्य स्थानीय दलों ने सात उम्मीदवार खड़े किए हैं। उपचुनाव की दौड़ में 18 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

दो मौजूदा विधायकों की मृत्यु, जबकि कांग्रेस और एआईयूडीएफ के दो विधायक विधानसभा की सदस्यता छोडऩे के बाद सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने के कारण उपचुनाव कराना पड़ा। मेघालय में, कांग्रेस ने उपचुनाव में सभी तीन विधानसभा सीटों - पूर्वी खासी हिल्स में मावरिंगनेंग और मावफलांग और पश्चिम गारो हिल्स जिले के राजाबाला के लिए उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस के दो विधायकों मावरिंगकेंग से डेविड नोंग्रम और राजाबाला से आजाद जमान की मौत के बाद उपचुनाव कराना पड़ा है। मावफलांग में, निर्दलीय विधायक सिंटार क्लास सुन का पिछले महीने कोविड-19 के कारण निधन हो गया था।

सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने तीनों सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि एनपीपी बहुल मेघालय डेमोक्रेटिकअलायंस (एमडीए) की घटक भाजपा ने राजाबाला से उम्मीदवार खड़ा किया है। 30 अक्टूबर को होने वाले तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव के लिए कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं। मावरिंगकेंग और राजाबाला से पांच-पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि मावफलांग से तीन उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।