असम विधानसभा के विशेष सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के सदस्यों ने नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध किया और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। 

विधानसभा के विशेष सत्र के लिए जैसे ही सदस्य सदन में आये कांग्रेस और एआईयूडीएफ के सदस्यों ने सीएए मसले पर चर्चा कराने की मांग की। राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने जैसे ही संबोधन शुरू किया, विपक्षी सदस्य सदन के बीचों बीच आ गये और सीएए के विरोध में नारे बाजी करने लगे। सदन में शोरशराबे के बीच प्रो. मुखी अपना सम्बोधन पूरा नहीं कर पाये और विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 45 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 

इससे पहले एआईडीयूएफ के सदस्यों ने सीएए के खिलाफ विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के सभी सदस्यों ने काला मुखौटा लगाकर सदन में प्रवेश किया। इन दलों के नेताओं ने कहा कि सीएए पर विशेष चर्चा की सरकार ने मांग नहीं मानी। एआईडीयूएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने विधानसभा के बाहर कहा, सीएए के खिलाफ पूरे असम में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष हमें सीएए पर बोलने की अनुमति नही दे रहे हैं। उन्हें हमें सीएए पर चर्चा के लिए एक दिन की अनुमति देनी चाहिए। असम विधान सभा का एक दिवसीय विशेष सत्र अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाने के लिए केंद्र के विधेयक की पुष्टि के लिए बुलाया गया है।

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