असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के तत्कालीन चेयरमैन राकेश कुमार पाल के कार्यकाल में धन के बदले एसीएस-एपीएस सहित अन्य संबंध सेवा में नियुक्ति पाने वाले फर्जी 25 में से 22 अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब कम से कम 38 अन्य अधिकारियों से पूछताछ करेगी।

एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि एपीएससी कार्यालय से जब्त उत्तर पुस्तिकाओं की फॉरेंसिक रिपोर्ट देखने के बाद जांच दल ने यह योजना बनाई है। अधिकारी के अनुसार जांच के लिए भेजी गई उत्तर पुस्तिकाओं की फॉरेंसिक रिपोर्ट के अधार पर कुछ और अधिकारियों की जांच दल के समक्ष हाजिर होने के लिए शीघ्र ही कहा जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने कम से कम 12 ऐसे बिचौलियों की शिनाख्त भी कर ली है, जिन्होंने एपीएससी के अधिकारियों और नौकरी के लिए आवेदन करने वालों के बीच धन की लेनदेन संबंधी बातों को अंजाम दिया था।

इन दलालों में एपीएससी के अध्यक्ष पद से निलंबित राकेश कुमार पाल के भाई राजीव पाल, सुदीप दास, मृगेन सइकिया और मफीकुल इस्लाम शामिल हैं, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन दलालों ने एपीएससी अध्यक्ष राकेश कुमार पाल और अन्य अधिकारियों का प्रतिनिधि बनकर आवेदनकारियों से सुनिश्चित सरकारी नौकरी के एवज में मोटी रकम वसूली थी।