एशिया का सबसे बड़ा और कचरे से बायो सीएनजी गैस बनाने का प्लांट (Asia’s Largest Biomethanation Plants Indore) भारत में तैयार हो चुका है। यह देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में है। अब इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर जाने वाले हैं। 150 करोड़ की लागत से बने इस प्लांट में रोज 18 हजार लीटर बायो सीएनजी गैस उत्पन्न होगी। इसके साथ-साथ 100 टन खाद भी तैयार होगी। ये प्लांट देवगुराडिया की पहाड़ी पर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड (Devguradia Trenching Ground)  पर है।

खबर है कि इस गैस से नगर की सिटी बसों को चलाया जाएगा। साथ ही, नगर निगम के वाहन भी इसी गैस से चलेंगे।देश के सबसे स्वच्छ शहर का चार बार खिताब हासिल कर चुके इंदौर के लिए ये एक और अनूठी उपलब्धि होगी। पूरे देश में ये पहला ऐसा प्लांट होगा जहां शहर से इकट्ठा किए हुए कचरे से सीएनजी गैस बनाई जाएगी और उससे सिटी बसें चलाई जाएगी। उन्होंने बाताया कि कोविड के कारण इसे पूरा होने में थोड़ी देर हुई। क्योंकि, प्लांट के कई पार्ट्स विदेशों से बुलवाए गए हैं। अब इसे पूरा कर लिया जाएगा और इस प्लांट का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से कराया जाएगा। इंदौर के लिए ये बहुत बड़ी उपलब्धि है।

यह संयंत्र रोज 18 हजार लीटर बायो सीएनजी के साथ-साथ 100 टन अच्छी गुणवत्ता वाली सिटी कम्पोस्ट भी तैयार करेगा। इस बायो सीएनजी गैस का उपयोग नगर की सिटी बसों में और दूसरे छोटे वाहनो के लिए वाहन ईंधन के रूप में किया जाएगा। सिटी कम्पोस्ट का उपयोग किसानों के खेतों की उर्वरक क्षमता को बढ़ाने में किया जाएगा। इस परियोजना में 500 टीपीडी जैविक नगरीय ठोस अपशिष्ट का प्रसंस्करण होगा। नगर निगम 50 फीसदी सीएनजी गैस और सिटी कम्पोस्ट का विक्रय भी करेगा। इससे निगम को अच्छी खासी आमदनी होगी। निगम को डेढ़ करोड़ रुपए साल का प्रीमियम भी मिलेगा।