राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जहां जयपुर में अपनी सरकार बचाने में जुटे हुए हैं, वहीं डिप्टी सीएम सचिन पायलट दिल्ली में हैं। बताया जा रहा है कि उनके साथ उनके समर्थक कुछ विधायक भी हैं जो पार्टी आलाकमान से मिलना चाहते हैं। 

अशोक गहलोत अपने आवास पर कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों से मिल रहे हैं।  सुबह 10:00 बजे से कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों से मुख्यमंत्री के मिलने का सिलसिला जारी है।  कांग्रेस सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र को छोड़कर जयपुर पहुंचे।  जिसे भी संभव हो पा रहा है वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने के लिए मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। 

मुख्यमंत्री ने सभी कांग्रेस विधायकों को संदेश भेजा है कि वे आज शाम तक जयपुर पहुंच जाएं। 

राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के मुताबिक कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि किसी विधायक या मंत्री का फोन बंद आए या फिर वह नहीं मिल रहा है तो घबराएं नहीं, उसे जाकर आप संपर्क करें।  सरकार को बचाने की जिम्मेदारी सब पर है। 

प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा,'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली गए विधायकों के संपर्क में हैं।  सचिन पायलट हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं. अगर कोई विधायक उनके साथ गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि अशोक गहलोत के खिलाफ गया है।  उनमें से ज्यादातर लोगों से मुख्यमंत्री ने बातचीत कर ली है।  हालांकि बीजेपी सरकार को गिराने में लगी हुई है।  मगर मुख्यमंत्री सभी परिस्थितियों पर नजर रखे हुए हैं। 

प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि बीजेपी लगातार पैसे लेकर संपर्क कर रही है।  मगर उनको सफलता नहीं मिल पा रही है।  वहीं इस बीच, राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की तरफ से कांग्रेस विधायकों, सीएम, डिप्टी सीएम को नोटिस भेजे जाने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सफाई दी है। 

अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, 'एसओजी को जो कांग्रेस विधायक दल ने बीजेपी नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप एवम अन्य कुछ मंत्री व विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं।  कुछ मीडिया द्वारा उसको अलग ढंग से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।