उत्तर प्रदेश के महोबा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सभी के होश उड़ा दिए हैं। महोबा में एक नाबालिग किशोरी से सामूहिक बलात्कार का केस सामने आया था। पुलिस के मुताबिक चार महीने पहले जिस 13 वर्षीय लड़की का कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था, उसको बाद में एक मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) ने गर्भपात की गोलियां दीं, जो आरोपियों के साथ मिली हुई थी।

एक गांव में बच्ची से कथित तौर पर दुष्कर्म करने वाले चार लोगों में से तीन को और स्वास्थ्यकर्मी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना का खुलासा शुक्रवार को तब हुआ जब सुशीला नाम की आशा कार्यकर्ता द्वारा गर्भपात की गोलियां दिए जाने के बाद गर्भवती हुई बच्ची की हालत बिगड़ गई।

पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि बी.पी. सिंह, राम बाबू सिंह, रघु रायकवार और शत्रुघ्न सिंह ने उसके साथ बलात्कार किया था जबकि सुशीला अपराध को छिपाने की साजिश का हिस्सा थी।

श्रीनगर थाने के एसएचओ संजय शर्मा ने बताया कि रविवार को मामला दर्ज होने के बाद सोमवार को आशा कार्यकर्ता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि पांचवें अपराधी की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का बयान जल्द ही अदालत में दर्ज किया जाएगा।