पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा के चुनाव होने हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन ने पहली बार बंगाल में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर मीटिंग की। बंगाल में 294 विधानसभा सीटों में से 90 सीटें मुस्लिम बहुल हैं। इन सीटों पर जीत-हार मुस्लिम मतदाता करते हैं।

वहीं मीटिंग में शामिल लोगों का कहना है कि ओवैसी जल्द ही पश्चिम बंगाल में जनसभा करके चुनावी बिगुल फूंकने वाले हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब 6 महीने से भी कम का वक्त बचेगा। पश्चिम बंगाल में पहली बार चुनाव लड़ने जा रही एआईएमआईएम महत्वपूर्ण सीटों पर ही फोकस करेगी। माना जा रहा है कि ओवैसी की एआईएमआईएम मुस्लिम बहुल जैसे मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और कुछ अन्य सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 294 विधानसभा सीटों वाले राज्य में मुस्लिम समुदाय 120 सीटों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पार्टी में शामिल दो सूत्रों के अनुसार, ओवैसी ने पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में संगठन की मजबूती को लेकर फीडबैक मांगा है। एक सूत्र के अनुसार, 'एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल में ऐंटी सीएए-एनआरसी प्रदर्शन के दौरान काफी सक्रिय रही। पार्टी के कई गुट हैं जिन्हें पहले साथ में आना होगा। असद साब (ओवैसी) हैदराबाद के अपने विश्वसनीय लोगों के साथ रणनीतिक रूप से यहां का दौरा करेंगे।' हैदराबाद में हुई मीटिंग में बंगाल के सभी 23 जिलों से नेता शामिल थे। वहीं टीएमसी विधायक शौकत मुल्ला ने कहा, बांग्ला मुस्लिम जानते हैं कि कौन उनके सच्चे फिक्रमंद हैं और कौन सिर्फ बीजेपी का अजेंडा चलाने के लिए इसका दिखावा कर रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी की बदौलत यहां फिलहाल सब शांत है।'