महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा पर मचा घमासान खत्म नहीं हो रहा है। रविवार को औरंगाबाद में हुई रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि वह 3 मई तक चुप रहेंगे। और 4 मई के बाद वह किसी की नहीं सुनेंगे। इसके बाद वो लाउडस्पीकर पर दोगुनी आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। 

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हालंकि, उनकी इस बात पर पलटवार करते हुए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इनका भाषण हिंसा को बुलावा देने वाला है। इस पर पुलिस स्वतः संज्ञान क्यों नहीं ले रही है। महाराष्ट्र बड़ा है या फिर वह व्यक्ति बड़ा है। ओवैसी ने कहा कि जब नवनीत राणा पर कार्रवाई हो सकती है तो फिर इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती। साथ ही कहा कि इनको जेल में डाल दें तो दिमाग ठंडा हो जाएगा।

ओवैसी ने यह भी कहा कि क्या एक व्यक्ति औरंगाबाद की एकता को खतरे में डालेगा। यह हिंसा के लिए एक खुला आह्वान है। महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार है। सीएम उद्धव ठाकरे अपने ही भाई के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। इसके साथ ही कहा कि क्या आप महाराष्ट्र को दिल्ली बनाना चाहते हैं। ऐसे में NCP क्या कर रही है।

आप ऐसी बात सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आपका भाई सीएम है। सभी भाई एक जैसे हैं। ओवैसी ने कहा कि हम पूछते हैं कि क्या राज ठाकरे महाराष्ट्र में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं? इसके साथ ही उन्होंने उद्धव सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह महा सरकार अंधी सरकार है। इनसे पूरा मुस्लिम समुदाय परेशान हो रहा है।

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इस दौरान ओवैसी ने शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सूबे में आपकी सरकार है, कोई आपके सीएम के आवास के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान करता है तो आप देशद्रोह लगाते हैं, लेकिन कोई मस्जिद के सामने लाउडस्पीकर बजाने की बात कहता है तो आप चुप हो जाते हैं। क्या आपके मुंह में तब दही जम जाती है।