दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एकबार फिर तगड़ा दांव खेला है। उन्होंने आज डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े ऐलान किए। इसमें उन्होंने दिल्ली में बिजली पर सब्सिडी को वैक्लपिक करने की भी बात कही और वहीं दिल्ली को स्टार्ट अप हब बनाने पर भी जोर दिया। दिल्ली सरकार ने सभी लोगों को एक समान तौर दी जाने वाली बिजली की सब्सिडी व्यवस्था को खत्म कर दिया है। सीएम केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अब उन्हीं लोगों को बिजली की सब्सिडी दी जाएगी, जो इसकी मांग करेंगे। यानी अब ये वैकल्पिक होगा। बता दें कि इस साल 17 मार्च को ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को 200 यूनिट से कम बिजली खपत को फ्री कर दिया था।

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केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली में बहुत लोगों को फ्री में बिजली मिलती है। इसके लिए दिल्ली सरकार सब्सिडी देती है। कई लोगों ने कहा कि हम लोग सक्षम हैं, हमें फ्री बिजली नहीं चाहिए। इसका इस्तेमाल आप विकास के लिए करें। अब हम लोगों से पूछेंगे कि क्या उन्हें बिजली की सब्सिडी चाहिए? अगर वे कहेंगे कि चाहिए तो हम देंगे और वे कहेंगे कि नहीं चाहिए तो हम नहीं देंगे। 1 अक्टूबर से दिल्ली में उन्हीं लोगों को बिजली की सब्सिडी दी जाएगी जो लोग बिजली की सब्सिडी मांगेगे।

सीएम केजरीवाल ने राज्य को स्टार्ट अप का हब बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कॉलेज में पढ़ते-पढ़ते भी बच्चे बिजनेस आइडिया तैयार करेंगे, इसके लिए उनको सहायता दी जाएगी। आज दिल्ली की कैबिनेट ने दिल्ली स्टार्टअप पॉलिसी पास की है। सीएम ने कहा कि दुनिया की जितनी भी स्टार्टअप पॉलिसी हैं उसकी सारी अच्छी बातें इसके अंदर डाली गई हैं।

सरकार की इस नई पॉलिसी के अनुसार अगर दिल्ली के रहने वाले युवा दिल्ली के अंदर कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो उनको दिल्ली सरकार पूरी तरह से मदद करेगी। पैसे से भी मदद करेगी और दूसरे तरीकों से भी मदद करेगी। अगर वह कोई जगह किराए पर लेते हैं तो उसका आधा किराया तक दिल्ली सरकार दे सकती है। जो तनख्वाह कर्मचारियों को दी जाएगी उसमें कुछ हिस्सा दिल्ली सरकार दे सकती है। साथ ही पेटेंट ट्रेडमार्क या कॉपीराइट के लिए अप्लाई करेगा तो उसकी फीस दिल्ली सरकार वापस कर सकती है।

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अब जो इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित होंगे उनको वित्तीय सहायता दी जाएगी। बिना गारंटी के कॉलेटरल फ्री लोन दिलाने में दिल्ली सरकार मदद करेगी। 1 साल के लिए इंटरेस्ट फ्री लोन होंगे। हम अलग-अलग एजेंसियों को हायर करेंगे और उनका पैनल बना देंगे जिसमें वकील होंगे CA या एक्सपर्ट होंगे और उनसे स्टार्टअप वाला व्यक्ति जाकर मदद ले सकता है जो बिल्कुल फ्री होगी। सरकार जो सामान खरीदती है उसमें भी स्टार्टअप के लिए एक अलग सुविधा होगी।