पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में 12 साल से कम उम्र की नाबालिग से बलात्कार करने वालों को अब फांसी की सजा होगी। ऐसा कानून बनाने वाला अरुणाचल देश का चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले यह कानून मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में लागू हुआ था।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में शुक्रवार को बलात्कार करने वालों को चेतावनी देते हुए अपराध कानून (अरुणाचल प्रदेश) संशोधन विधेयक को पास कर दिया गया। इसमें कहा गया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ किसी भी तरह के हिंसा से सख्ती से निपटा जाएगा।


विधानसभा के 15वीं बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत से अपराध कानून (अरुणाचल प्रदेश) संशोधन विधेयक 2018 के तहत पारित कर दिया। इस विधेयक को विधासभा में शुक्रवार को गृह मंत्री ने एक विस्तृत चर्चा के बाद पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।


इस विधेयक को पास करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354(बी) और 354(डी) में संशोधन किया गया। जिसमें पहले 7 से 10 वर्ष तक की कठोर सजा और एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान था।


इसके अलावा, संशोधन विधेयक धारा 376एए और धारा 376डीए को संशोधन कर 12 साल से कम उम्र की महिलाओं से दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के लिए भी मौत की सजा दी जाएगी।


विधेयक में पोस्को, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और संवैधानिक संहिता कानून में भी संशोधन किया गया है।


इस विधेयक को पारित करने के साथ ही अरुणाचल प्रदेश देश में एक और राज्य बन गया जहां 12 वर्ष से कम उम्र के महिला के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार करने वाले व्यक्ति को मौत की सजा दी जाएगी।


बता दें कि पिछले महीने ही अरुणाचल प्रदेश के तेजू कस्बे में कथित रूप से एक मासूम बच्ची से रेप और हत्या की घटना हुई थी। इस घटना में आरोपी को कथित रूप से भीड़ ने थाने से बाहर निकाल कर जिंदा जला दिया था।


इस शर्मनाक घटना ने अधिकारियों ने पांच वर्षीय बच्ची से बलात्कार किया था। खून से लथपथ बच्ची का शव नामगो गांव के पास स्थित जंगल में मिला था। सीएम प्रेमा खांडू ने बच्ची के साथ रेप की घटना को 'अमानवीय और क्रूर' करार दिया था।