अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में स्थित गंगा झील इलाके का एक प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट है। ईटानगर आने वाले पर्यटक इस झील पर घूमने जरूर आते हैं।

आप इसके नाम से कन्फ्यूज न हों क्योंकि इस झील के नाम में गंगा शब्द का इस्तेमाल किया गया है लेकिन इसका पवित्र गंगा नदी से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि इस झील का किसी भी नदीं से कोई संबंध नहीं है यह किसी भी नदी या झरने से नहीं जुड़ी है लेकिन नॉर्थ ईस्ट की एक बेहतरीन झील है। यह झील ईटानगर से केवल 6 किलोमीटर दूर स्थित है। 


यह झील किसी समतल मैदान पर नहीं बल्कि पहाड़ के ऊपर स्थित है इस झील तक पहुंचने के लिए सीढियों से चढ़कर जाना पड़ता है। सबसे अच्छा दृश्य देखने के लिए आपको करीब 50 सीढ़ियां चढ़नी होंगी। यह झील शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने का प्रमुख स्रोत भी है। यह एक शांत और आकर्षक झील है जहां आप अच्छा समय बिता सकते हैं। चारो ओर हरियाली से घिरी इस झील के आसपास घूमने के लिए देश विदेश से पर्यटक आते हैं।
यह नदी पहाड़ी के ऊपर बनी है इसके नाम में गंगा शब्द जरूर है लेकिन गंगा नदीं से इसका कोई संबंध नहीं है स्थानीय भाषा में इसे गेकर सिनयी कहा जाता है। यह झील पहाड़ी के ऊपर बनी है और किसी नदी या झरने से जुड़ी नहीं है। किसी भी नदी या झरने से न जुड़े होने के कारण झील का पानी हरे रंग का है। जो काफी अनोखा भी लगता है। 


झील में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है यहां आप बोट किराए पर लेकर झील का चक्कर लगा सकते हैं आमतौर पर बोट 3 किलोमीटर के दायरे में चलती है। इसके अलावा आप यहां पिकनिक मना सकते हैं। काफी स्थानीय नागरिक यहां पिकनिक मनाने आते हैं। 


झील चारो ओर ऊंचे पहाड़ों से घिरी है और इसके आसपास आपको केवल हरियाली ही दिखाई देगी। दुनियाभर से पर्यटक इसकी खूबसूरती को देखने आते हैं। हरे पानी में बोटिंग अनुभव को और दिलचस्प बना देती है।