लखनऊ । एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत गुरुवार को योजना भवन में उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सहमति पत्र (एमओयू) हस्ताक्षरित हुआ।

उप्र की ओर से अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल, अरुणाचल प्रदेश की तरफ से पर्यटन सचिव डॉ.जोराम बेदा और मेघालय की ओर से शिक्षा सचिव डब्लू.आर लिंगदोह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत एक बड़े राज्य के साथ छोटे राज्यों को जोड़ते हुए युवाओं को एक-दूसरे की विरासत, परंपराओं और संस्कृति को समझने का मौका दिया गया है। इससे हमारी दृष्टि व्यापक होगी, सामंजस्य की भावना को बल मिलेगा और हम एक-दूसरे की मूल्यवान बातों को ग्रहण करेंगे, जिससे श्रेष्ठ भारत का निर्माण हो सकेगा।


एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए उप्र की ओर से विशेष सचिव उच्च शिक्षा प्रमोद चंद्र गुप्ता, अरुणाचल प्रदेश की ओर से डॉ.जोराम बेदा और मेघालय की ओर से वहां के प्रमुख सचिव डीपी वाहलांग को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इस मौके पर शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी संजीव सरन, प्रमुख सचिव भाषा जितेंद्र कुमार भी मौजूद थे।


अरुणाचल में हिंदी का प्रयोग
उप मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन सचिव डॉ.जोराम बेदा की हिंदी में धारा-प्रवाह बोलने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि अरुणाचल प्रदेश में अनेक भाषाओं के बावजूद लोग आपसी बातचीत को समझने के लिए हिंदी का प्रयोग करते हैं।

डॉ. बेदा ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में 26 मुख्य जनजातियां हैं जिनकी अलग-अलग भाषाएं हैं। उन्हें एक-दूसरे की भाषा समझ में नहीं आती है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश के लोग आपसी बातचीत में हिंदी का प्रयोग करते हैं।