अरूणाचल प्रदेश की 204 खदानों में अवैध खनने करने वालों पर मोबाइल एप के जरिए नजर रखी जा रही है। मोबाइल एप के जरिए सरकार को अवैध कोयला खनन की सूचनाएं मिल रही हैं। इस वजह से इन कोयला खदानों की जांच की जा रहा है। अब इस क्षेत्र में मौजूद 204 खदानों में वैध तरीके से खनन करने की अनुमति दी जा रही है।

केंद्रिय पर्यावरण, वन एवं मौसम बदलाव मंत्रालय की शिफारिस के अनुसार राज्य की नामचिक नामफक कोयला खदान की फिर से जांच की जा रही है। इसके पीछे की वजह इस खदान का अत्याधिक संरक्षित क्षेत्र में होना है। इस बारे में लोकसभा में बोलते हुए केंद्रिय कोयला एवं खदान मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि इस खदान की विशेष स्थिति होने के कारण इसका फिर से एनालिसिस किया जा रहा है।

एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि नामचिक नामफुक कोयला खदान भी उन 204 खदानों में से एक है जिनमें खनन पर भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 से रोक लगाई हुई है। हालांकि अब इन 204 खदानों का आवंटन जारी करते हुए कड़े नियम बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन खदानों में अवैध खनन की शिकायतें प्राप्त हुई थी जिसके बाद जांच की जा रही है। ये शिकायतें Coal Mine Surveillance and Management System (CMSMS) तथा Khanan Prahari मोबाइल एप के जरिए दर्ज की गई हैं। अब अवैध खनन करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।