अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के महासचिव जारपुम गामलिन ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। गामलिन विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज थे।


अरुणाचल प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा ने 17 मार्च को 54 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी जो आगामी 11 अप्रेल को होने वाले विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेंगे। इस सूची में गामलिन का नाम नहीं है। गामलिन ने अरुणाचल प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष तापिर गाओ को अपना इस्तीफा सौंपा। इसमें गामलिन ने कहा कि पार्टी ने टिकट का ऐलान कर दिया है जो मेरे पक्ष में नहीं है। मैं दुविधा में हूं। पार्टी और समर्थकों के बीच फंसा हूं। काफी सोच विचार के बाद मैंने फैसला किया कि अपने समर्थकों की उम्मीदों पर पानी नहीं फेर सकता जिन्होंने फिर से मुझमें विश्वास जताया है।


आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा की दो सीटों के साथ साथ 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए भी चुनाव हैं। आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिलाने में खांडू का हाथ है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री खांडू अपनी परंपरागत सीट मुक्तो से चुनाव लड़ रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि मैं इसलिए टिकट की दौड़ से बाहर हुआ क्योंकि खांडू को लगता है कि मैं मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार हूं। खांडू धन बल का इस्तेमाल कर रहे हैं। जब मुख्यमंत्री ही सत्ता का खेल खेल रहा हो तो मैं क्या कर सकता हूं। मैं भाजपा के लिए बहुत कुछ किया लेकिन पार्टी ने अपनी विचारधारा को भूलाकर मेरी उपेक्षा की। पार्टी यह भूल गई कि पहले देश आता है बाद में पार्टी और व्यक्ति। खांडू ने 2011 में मुक्तो से उप चुनाव लड़ा था। वह निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्हें जारबोम गामलिन मिनिस्ट्री में शामिल किया गया। 2014 के चुनाव में वह फिर से निर्विरोध निर्वाचित हुए। 2016 में खांडू राज्य के मुख्यमंत्री बने।