"घर वापसी उत्सव" के तहत  इंफाल अब तक के सबसे बड़े सामूहिक आत्मसमर्पण के तहत सोमवार को मणिपुर में अलग-अलग संगठनों के 68 उग्रवादियों ने हथियार डाल दिए  इनमें चार महिला उग्रवादी भी शामिल हैं। 

इस आत्मसमर्पण में आर्ट ऑफ लिविंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उग्रवादियों के आत्मसमर्पण के बाद मुख्‍यमंत्री ने श्रीश्री रवि शंकर और आर्ट ऑफ लिविंग को धन्यवाद दिया। 

जिन 68 उग्रवादियों ने समर्पण किया है, उनमें से 6 कलिंगपाक कम्युनिस्ट पार्टी, 2 पीपुल्स रिवोल्युशनरी पार्टी,  अन्य पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, संयुक्त राष्ट्रीय लिबरेशन फ्रंट और कांगलाई यावोल काना ग्रुप से थे।  इन उग्रवादियों की मु्ख्यधारा की वापसी में आर्ट ऑफ लिविंग का अहम रोल रहा।

सीएम ने कहा कि समर्पण करने वालों की जरूरतों और समस्याओं को देखने के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। समर्पण करने वाले उग्रवादियों के परिवारों की हर सम्भव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा उग्रवादी समर्पण करके समाज की मुख्यधारा से जुडऩे का प्रयास करेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ने हिंसा छोड़ शांति का रास्ता अपनाने वाले उग्रवादियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के विकास में मदद होगी। उग्रवादियों को मुख्यधारा में वापस लौटाने के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार की भी पीठ थपथपाई।

आपको बता दें की श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में पिछले काफी सालों से आर्ट ऑफ लिविंग के दीपा देव और शांति मैत्रेई तमाम खतरों के बाद भी विभिन्न माध्यमों से उग्रवादी संगठनों से बात कर रहे थे और उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़ने की बात समझा रहे थे और आखिरकार वो इसमें सफल हुए।