दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ असम की एक स्थानीय कोर्ट ने गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। ये वॉरंट बेलेबल है। पिछली सुनवाई में अदालत में पेश नहीं होने के कारण केजरीवाल के खिलाफ यह वॉरंट जारी हुआ है।

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ यह वॉरंट ऐसे वक्त में जारी हुआ है जब वे और उनकी पार्टी दिल्ली में एमसीडी चुनाव को लेकर प्रचार में जुटी हुई है। केजरीवाल ने एमसीडी चुनाव में अपनी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए पेशी के लिए और वक्त देने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग खारिज कर दी। अब मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी। अपराधिक मानहानि का ये केस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन को लेकर किए गए कमेंट को लेकर दर्ज किया गया है।

केस भाजपा नेता सूर्या रोंगफर ने दायर किया है। पिछले साल दिसंबर में केजरीवाल ने ट्वीट कर यह दावा किया था कि पीएम सिर्फ 12 वीं क्लास तक पढ़े हैं और उनकी कॉलेज की डिग्री फर्जी है। रोंगफर का कहना है कि यह टिप्पणी आधारहीन और भ्रम फैलाने वाली है। केजरीवाल की टिप्पणी को लेकर पुलिस ने आईपीसी की धारा 499,500 और 501 के तहत केस दर्ज किया था। केजरीवाल और उनकी पार्टी ने पीएम की दिल्ली यूनिवर्सिटी की डिग्री को लेकर सवाल खड़े किए थे। यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार ने पिछले साल कहा था कि पीएम की डिग्री सही है। उन्होंने 1978 में एग्जाम पास किया था और 1979 में उन्हें डिग्री दी गई थी।