कीव। यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरीना वीरेशचुक ने कहा कि जारी युद्ध के बीच मानवीय गलियारों के जरिए 24 घंटे के अंदर  करीब 13,000 नागरिकों को निकाला गया है। उक्रेइंस्का प्रावदा की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात को एक वीडियो संबोधन में वीरेशचुक ने कहा कि लोगों को शनिवार को 9 गलियारों के माध्यम से निकाला गया।

उन्होंने कहा कि सुमी से 8,000 लोगों को निकाला गया, जबकि कुल 3,000 लोग क्रास्नोपिल्या, लेबेडिन, वेलेका पिसारिवका और कोनोटोप से चले गए हैं। मंत्री ने कहा कि लगभग 1,000 लोगों को बुका से, 600 को होस्टोमेल से और 1,264 को नेमिशायेवो में युद्ध क्षेत्र से निकाला गया।

वीरेशचुक के अनुसार, जापोरिज्ज्या क्षेत्र में एनरगोडर से निकासी संभव नहीं थी, क्योंकि रूसी सेना ने पिछले समझौतों के बावजूद, वासिलिवका में चौकी पर मानवीय कार्गो को रोक दिया था। लोग कीव क्षेत्र में इरपिन, कोजरोविची, बोरोड्यांका और वोरजेल से भी नहीं जा सकते हैं।

उके्रइंस्का प्रावदा ने बताया कि इसके अलावा अपने वीडियो में वीरेशचुक ने रूसी सेनाओं से यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के एक कर्मचारी ओलेक्सी इहोरोविच डैनचेंको को रिहा करने की अपील की, जो होस्टोमेल से निकासी बसों के साथ थे। मंत्री के अनुसार, डैनचेंको दो दिनों से कैद में है।

वीरेशचुक ने आगे कहा कि यूके्रनी अधिकारी रविवार को कीव और लुहान्स्क क्षेत्रों में मानवीय गलियारे खोलने की कोशिश करेंगे, साथ ही लोगों को मारियुपोल से जापोरिज्ज्या तक निकालने की कोशिश करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, रूसी सेना ने जापोरिज्ज्या से मारियुपोल की ओर जाने वाली मानवीय सहायता को रोक दिया। उन्होंने कहा कि रूसी सेना को गोलीबारी से रोकने के लिए चर्च के प्रतिनिधि काफिले के साथ थे।

अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि रूसी सेना ने उन महिलाओं और बच्चों के काफिले पर हमला किया, जो कीव क्षेत्र के बैरशिवस्की जिले से निकालने की कोशिश कर रहे थे। इस हमले में एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई।