मां ने बड़े प्यार से बेटे से कहा.... कितना दुबला हो गया है कुछ खा पी लिया कर तो इस पर शहीद ने जवाब दिया था कि मां दुश्मन के लिए मैं दुबला ही बहुत हूं। जी हां ये लाइने हैं एक 20 साल के नौजवान  शहीद की जिसकी ये बात याद कर उसकी मां के आंसू रुके नहीं रुक रहे हैं।


बड़े अरमानों से मां बाप ने उसे देश की सेवा करने भेजा था लेकिन दो महीनों में ही छीन गयी उसकी जिंदगी। ये दुखद खबर है पानीपत के गांव गोयला खुर्द की जहां एक फौजी जवान अरुणाचल प्रदेश में नक्सली हमले में शहीद हो गया था।  इस जवान ने ट्रेनिंग पूरी करके दो महीने पहले ही ड्यूटी ज्वाइन की थी लेकिन अब वह इस दुनिया में नहीं है।


20 वर्षीय सचिन अरुणाचल प्र‎देश में शनिवार को नक्सली हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह सचिन ने आखिरी सांस ली। बुधवार शाम 6 बजकर 20 मिनट पर सेना उनके पार्थिव शरीर को फ्लाइट से दिल्ली मुख्यालय लेकर आई। गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। गांव में भी माहाैल गमगीन है। मां सावित्री बेटे की बातें याद कर बार बार बेहोश हो रही है। वहीं, पिता सुरेंद्र शर्मा को बेटे की शहादत पर गर्व है।

2016 में नवंबर में झज्जर में हुई आर्मी की ओपन भर्ती में चयन हुआ था। 13 दिसंबर 2016 को यूपी में ट्रेनिंग शुरू की थी। अक्टूबर में ट्रेनिंग पूरी कर 15 दिन की छुट्टी घर आया था। नवंबर में पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुई थी। 5 फरवरी को उसकी 15 दिन की छुट्टी भी सेंक्शन हो गई थी। शहीद सचिन की खेलों में रुचि थी। वह राजपुताना राइफल बटालियन की कबड्डी टीम का प्रमुख खिलाड़ी था और स्टार रेडर भी था। कई बार उसको सेना के अधिकारियों ने खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन पर सम्मानित भी किया था।
आपको बता दें कि सचिन शहीद के घर पहुंचे सांसद अश्विनी चोपड़ा परिवार को दिलासा देते हुए कहा कि सरकार उसके परिवार के साथ है। वे प्रधानमंत्री राहत कोष से सचिन के परिवार को मदद दिलाएंगे।