सेना के शीर्ष कमांडर सोमवार से यहां शुरु होने वाले पांच दिन के सम्मेलन में रक्षा तैयारियों सहित सेना से संबंधित विभिन्न विषयों तथा भविष्य की रणनीतियों और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के असर के बारे में गहन विचार-विमर्श करेंगे। 

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सेना के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मेलन के समापन से एक दिन पहले गुरुवार को शीर्ष कमांडरों को संबोधित करेंगे और सेना से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनके साथ विस्तार से बात करेंगे। सम्मेलन के दौरान सेना के शीर्ष कमांडर सीमाओं पर संचालन स्थिति , विभिन्न तरह के खतरों, क्षमता बढ़ाने तथा विभिन्न मोर्चों पर संचालन तैयारियों की समीक्षा करेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं के विकास, स्वदेशीकरण के आधार पर सेना के आधुनिकीकरण , अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तथा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा। 

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इसके अलावा क्षेत्रीय कमान प्रमुखों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों तथा प्रस्तावों पर भी बात होगी। रक्षा मंत्री के 21 अप्रैल को सम्मेलन को संबोधित करने की संभावना है। वह शीर्ष कमांडरों के साथ सीमाओं की स्थिति, संचालन तैयारियों तथा अन्य तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे । साथ ही भविष्य की रणनीतियों पर भी बात होगी। सेना के शीर्ष कमांडरों का सम्मलेन वर्ष में दो बार अप्रैल तथा अक्टूबर में होता है जिसमें तमाम मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ नीतिगत निर्णय भी लिए जाते हैं। सैन्य अधिकारियों को इस मंच पर सैन्य मामलों के विभाग तथा रक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा करने का मौका मिलता है।