भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने मंगलवार को कहा कि सेना में शामिल होने के लिए गलत तरीके अपनाने वालों के प्रति बिल्कुल भी नर्मी नहीं बरती जाएगी। ऐसा करने वालों को सजा मिलेगा चाहे फिर उन्होंने सेवा के 20 साल ही क्यों ना दे दिए हों।

सेना प्रमुख ने बताया कि हाल ही में हमें कुछ उदाहरण मिले हैं जिसमें सैनिकों की भर्ती के दौरान प्रश्न पत्र लीक किए गए थे, बाद में पता चला कि अधिकारी कैडेट के लिए चयन प्रक्रिया में सेवा चयन बोर्ड (SSB) के कर्मचारियों के बीच सहमति थी। सेना प्रमुख ने कहा कि इस मामले का खुलासा हमारी खुद की आंतरिक जांच में हुआ था।

उन्होंने कहा कि फिलहाल हम मामले की जांच कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमें किसी तरह की जानकारी मिलती है कि सेना में सेवा दे रहे कोई भी व्यक्ति ने अनुचित तरीके से दाखिला लिया या अनुचित तरीके से चुना गया हो तो उसकी सेवाओं को कभी भी समाप्त किया जा सकता है, चाहे उसने सेना में 20 साल की सेवाएं ही क्यों ना दी हो।

वहीं सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा "हम ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस मामले पर जांच की जाएगी और उनलोगों को सामने लाया जाएगा जो गलत तरीके के सेना में भर्ती हुए हैं। इस तरह के कामों को करने वाले व्यक्ति को बचाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

‘इसके अलावा पेपर लीक मामले को सीबीआई को सौंपने पर, सेना प्रमुख ने कहा: "जब ये मामले सामने आए, तो हमें पता चला कि इसमें अन्य पक्ष भी शामिल हैं। मामले की पुरी तरह जांच हो इसके लिए कई बैंक से किए गए लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड देखने की आवश्यकता है। हमारे पास इस तरह की जांच करने का अधिकार नहीं है। इसलिए हमने इसे सीबीआई को देने का फैसला किया है।