सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने मंगलवार को पूर्वी लद्दाख और सियाचिन-साल्टोरो रिज इलाकेका दौरा किया। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास तनातनी वाले इलाकों से फरवरी में भारत और चीन में पीछे हटने के हुए करार पर चीनी सेना की चल रही आनाकानी के बीच सेना प्रमुख ने सेना की तैनाती और कम वक्त में कार्रवाई की क्षमता का जायजा लिया। जनरल नरवणे बुधवार को मौजूदा गंभीर तनातनी वाले इलाके डेपसांग के मद्देनजर अहम सैन्य ठिकाने दौलत बेग ओल्डी (डीओबी) का भी दौरा करेंगे। पैंगोंग झील के इलाके से हटने के बाद चीन करार के मुताबिक गोगरा, हॉट स्प्रींग और डेमचक से हटने से इनकार कर रहा है। उधर, डेपसांग में भी आमने-सामने की स्थिति बरकरार है।

जनरल नरवणे और उनके साथ गए उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी को लद्दाख के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजी के मेनन ने ताजा हालात, सुरक्षा तैयारियों और गतिविधियों की जानकारी दी। लेफ्टिनेंट जनरल मेनन चीन के साथ सैन्य स्तर की बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं। मौजूदा तनातनी को लेकर भारत और चीनी सेना के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। गौरतलब है कि सियाचिन-साल्टोरो रिज इलाकेमें ही दो दिन पहले पंजाब रेजिमेंट के दो जवानों की हिम स्खलन में मौत हो गई थी।

सूत्रों ने कहा कि जनरल नरवणे ने दुर्गम इलाकों में ऊंचाई वाली जगहों पर दुरूह मौसम की स्थिति में तैनात होने वाले जवानों से बातचीत की और इस दौरान उनकी दृढ़ता और ऊंचे मनोबल के लिए उनकी सराहना की। जनरल नरवणे का बुधवार को ही दिल्ली लौटना है।