सेना उच्च्तम न्यायालय के आदेश के बाद बरती जा रही अधिक सतर्कता के मद्देनजर उग्रवाद से प्रभावित पूर्वोत्तर में अपनी उग्रवाद विरोधी रणनीति में सुधार करने पर विचार कर रही है। उच्चतम न्यायलय ने सीबीआई को मणिपुर में कथित न्यायेतर हत्याओं के कई मामलों की जांच करने के सख्त आदेश दिए हैं।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना मुख्यालय मणिपुर में सेना की ओर से मृतकों की बढ़ती संख्या को लेकर बहुत चिंतित है। साथ ही वह राज्य में उग्रवादियां के खिलाफ अपने अभियान की तीव्रता में आई कमी को लेकर चिंतित है। मणिपुर में 10 से ज्यादा बड़े उग्रवादी समूह सक्रिय हैं।

सूत्रों ने बताया कि सेना के शीर्ष अधिकारियों ने अभियानों की रणनीति में सुधार करने के लिए पिछले महीने विस्तृत विचार विमर्श किया। एेसा लगता है कि आफस्पा से संबंधित मामलों पर न्यायालय के निर्देशों के कारण अत्यधिक सतर्कता बरती जा रही है।

उच्चतम न्यायालय ने पिछले कुछ महीनों में सीबीआई को मणिपुर में सेेना,असम राइफल्स और पुलिस द्वारा कथित न्यायेतर हत्याओं और फर्जी मुठभेड़ों की विस्तृत जाचं करने के निर्दश देते हुए कहा कि मानवाधिकारों का उल्लघंन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ।

सूत्रों ने बताया कि अदालत के आदेश और सीबीआई की कारवाई के बाद मणिपुर में तैनात कुछ सैनिकों और अधिकारियों के बीच स्पष्ट बेचैनी है और इसलिए वे उ्गरवादियों के खिलाफ अभियान चलाने में अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 2017 में उग्रावद रोधी अभियानों में कुल आठ सैन्यकर्मी मारे गए और 26 घायल हो गए जबकि मारे गए उग्रवादियों की संख्या तीन थी।