झारखंड के रांची के जोन्हा की रहने वाली दिप्ति कुमारी (Archer Deepti Kumari) ने जमशेदपुर में आयोजित 40वीं सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत कर पूरे देश में राज्य का नाम रौशन करने में सफलता हासिल की हैं। इस प्रतियोगिता में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली दीपिका कुमारी क्र्वाटर फाइनल में ही पंजाब की सहेजप्रीत कौर से हार कर बाहर हो गयी, जबकि दिप्ति (Archer Deepti Kumari) ने सेमीफाइनल में सहेजप्रीत कौर को ही पराजित कर फाइनल में स्थान पक्का किया और फाइनल मुकाबले में जूनियर विश्व कप विजेता की स्वर्ण पदक विजेता कोमालिका को हराकर सभी को चौंका दिया। 

जमशेदपुर के जेआरडी स्पोर्टस ग्राउंड में आयोजित 40वीं सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप (40th Senior National Archery Championship) का खिताब जीत कर पूरे भारत में सनसनी फैलाने वाली दीप्ति कुमारी की कहानी भी कई अन्य खिलाडिय़ों की तरह काफी संघर्षपूर्ण है। राष्ट्रीय चैंपियन बनने वाले दीप्ति के पिता केईनाथ महतो सवारी गाड़ी के ड्राइवर है और वे प्रतिदिन अपनी गाड़ी पर बैठा कर दिहाड़ी मजदूरों को जोन्हा से 40 किमी दूर राजधानी लाने और ले जाने का काम करते है। दीप्ति की मां सोमती देवी गृहिणी है और वह बताती है जब उनकी बेटी ने 2013 में पहली बार धनुष खरीदने की जिद की, तो आसपास के लोगों और अन्य रिश्तेदारों से उधार लेकर अपनी बेटी के लिए बांस का तीर-धनुष खरीदा था। वहीं दीप्ति (Archer Deepti Kumari) के कोच रोहित कोइरी का कहना है कि वर्ष 2013 में वे जब खिलाड़ियों का चयन के लिए जोन्हा स्थित स्कूल पहुंचे, तो उस वक्त दीप्ति सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसकी हाईट देखकर उसे तीरंदाजी की सलाह दी और दीप्ति ने काफी मन लगाकर प्रशिक्षण में अपना समय लगाया। 

सबसे पहले वर्ष 2016 में वह रांची में आयोजित नेशनल स्कूल अंडर 17 में एक गोल्ड और एक ब्रांज जीतने में सफल रही, वहीं उसी वर्ष नवंबर-दिसंबर में आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में अंडर 14 में 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीती। इसके बाद 2017 में जमशेदपुर में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी 3 गोल्ड और 2 सिल्वर जीता। उसकी मेहनत को देखकर 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री और सिल्ली के विधायक सुदेश महतो ने दीप्ति को तीन-साढ़े लाख रुपये का रिकर्व तीर-धनुष उपलब्ध कराया और इसके बाद दीप्ति ने नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस साल आईटीबीपी में खेल कोटा से उसे नौकरी भी मिल गयी। दीप्ति (Archer Deepti Kumari) का कहना है कि इस प्रतियोगिता में कोमोलिका और दीपिका कुमारी  जैसी खिलाड़ियों को पराजित कर पदक जीतने से उसका हौसला बढ़ा है और अब उसका लक्ष्य विश्व कप तीरंदाजी तथा ओलंपिक पदक हासिल करने का है। दीप्ति की छोटी बहन लक्ष्मी कुमारी भी तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है और इसी वर्ष उसने इंडियन राउंड अंडर-9 में चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया है। अब उसका सपना भी अपनी बड़ी बहन के लिए देश के लिए खेलना और स्वर्ण पदक जीतना है।