गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार फर्जी एसीएस अधिकारी निशामणि डेका की अग्रिम जमानत के लिए दायर याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही फरार निशामणि के पास पुलिस के सामने सरेंडर के सिवाए दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है।

मालूम हो कि डिब्रूगढ़ पुलिस ने हाल ही में एपीएससी नियुक्ति गोटाले के संबंध में 23 एसीएस, एपीएस और अन्य संबंद्ध सेवा से जुड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। फर्जीवाड़े के तहत मोटी रकम देकर एसीएस बनी तथा पश्चिम नलबाड़ी की सर्किल अधिकारी के पद पर कार्यरत निशामणि डेका और पांचवीं एपीबीएन के सहायक कमाडेंट राजेश गुप्ता (एपीएस) अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। इस बीच सोमवार को विशेष अदालत ने एपीएससी घोटाले से संबंधित केस डायरी दाखिल करने का पुलिस को निर्देश दिया है।