असम लोकसेवा आयोग (एपीएससी) में घोटाले के तार अब भाजपा के सांसद तक जा पहुचे हैं। असम में भाजपा गठबंधन की सरकार है। घोटाले में अब तक आयोग के पूर्व चैयरमैन, सदस्य समेत कई अधिकारी जेल जा चुके हैं। अब मामले की जांच कर रही डिब्रुगढ़ पुलिस ने तेजपुर के भाजपा सांसद राम प्रसाद शर्मा की पुत्री पल्लवी शर्मा समेत 18 और अधिकारियों को समन जारी किया है। इन्हें 18 जुलाई को असम पुलिस की विशेष शाखा के कार्यालय में हस्ताक्षर की फारेंसिक जांच के लिए मौजूद रहने को कहा गया है।

 

अपनी प्रतिक्रिया में सांसद शर्मा ने कहा कि मेरे खिलाफ राजनीतिक षडय़ंत्र है। यह पार्टी के अंदर से मेरे खिलाफ षडय़ंत्र है।2 019 के लोकसभा में मुझे तेजपुर से टिकट न मिले, इसके लिए मुझे टारगेट किया गया है। मैं 2013 से नागपुर चेहरा दिखाने नहीं गया। मैं मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, दिल्ली और नागपुर को इस बारे में कोई अनुरोध नहीं करुंगा। मैं चापलूसी राजनीति नहीं करता। इस बार जिन्हें समन दिया गया है उनमें तीन पुलिस अधिकारी, 13 प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और तीन संबंद्ध सेवा के अधिकारी शामिल हैं।

 

उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से फारेंसिक रिपोर्ट तैयार की गई है। मैंने कभी भी मुख्यमंत्री को जांच धीमी करने को नहीं कहा था। यदि कोई प्रमाणित कर देगा तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। गिरफ्तार असम लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष राकेश पाल से मिलने की बात स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि उनकी तरह मैं भी सत्संग में दीक्षित हूं। इसलिए सत्संग विहार में मिला था। यदि मैं दोषी हूं तो जेल जाने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा सहयोग करुंगा।

 

इससे पहले भी एक पूर्व मंत्री नीलमणि सेन डेका के पुत्र राजश्री सेन डेका, भाजपा की नेता सुमित्रा दले पाटिर की रिश्तेदार गीताली दलै और सुनयना आईदेउ, भाजपा सांसद राजेन गोहाईं का भतीजा भी इस घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पानेसर ने कहा कि जिन्हें समन भेजा गया है वे सभी 2016 बेच के अधिकारी हैं। इस घोटाले में पहली गिरफ्तारी अक्तूबर 2016 में हुई थी। अब तक पाल समेत 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुके हंै। पिछले 2 सालों से जांच चल रही है।