असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में गिरफ्तार 14 राजपत्रित अधिकारियों की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के बाद असम पुलिस अब करोड़ों के इस घोटाले में शामिल दलालों को पकडऩे की तैयारी में है। डिब्रूगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पानेसर, जो कैश फॉर जॉब घोटाले के जांच अधिकारी है, ने कहा, हमारे पास घोटाले से जुड़े कई दलालों के बारे में पर्याप्त सबूत हैं। हमारा अगला कदम उनको पकडऩा है।

सूत्रों क मुताबिक दलालों की सूची में कई सरकारी अधिकारियों के भी नाम शामिल होगे। राजीव पॉल जो असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश पॉल के भाई हैं, सुदीप दास व कई अन्य के नाम इस सूची में शामिल होंगे। पूछताछ के दौरान असम सिविल सर्विस व असम पुलिस सर्विस के 23 अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान कई दलालों के नाम लिए हैं, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया में उनकी मदद की। आपको बता दें कि कई राजनेता, सरकारी अधिकारी,पत्रकार, छात्र व युवा संगठनों के नेता इस घोटाले से जुड़े हुए हैं।

इनमं से कईयों ने दलाल के रूप में काम किया। यह देखना दिलचस्प होगा कि दलालों की अगली दागियों की सूची में इनमें स कितनों के नाम शामिल होते हैं। आपको बता दें कि कैश फॉर जॉब घोटाले में कुल 25 आरोपी हैं। इनमें से 23 को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दो अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार किए गए 23 लोग असम सिविल सर्विस,असम पुलिस सर्विस व एलाइड सर्विसेज से जुड़े हुए हैं। जो अधिकारी फरार हैं उनमें असम सिविल सर्विस ऑफिसर निशामोनी डेका व असम पुलिस सर्विस के ऑफिसर राकेश गुप्ता शामिल हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस लुक आउट नोटिस जारी कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि 25 अधिकारियों की उत्तर कुंजियों की फोरेसिंक जांच में अनियमिता की पुष्टि हुई है। अक्टूबर 2016 में नौकरी के लिए आवेदन करने वाली अंशुमिता गोगोई ने डिब्रूगढ़ पुलिस थाने में केस दर्ज कराया था।

अंशुमिता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि इंजीनियर नबाकांता पातिर ने, कथित रूप से 10 लाख रुपए की घूस मांगी थी। उसने ऑफर दिया था कि अगर 10 लाख रुपए दिए तो असम पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए उन्हें सरकारी नौकरी मिल सकती है। अंशुमिता की शिकायत के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और पातिर को अंशुमिता के हाथों रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पातिर के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने पछले साल 4 नवंबर को असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल को गिरफ्तार किया। कैश फॉर जॉब घोटाले में गिरफ्तार किए गए 14 राजपत्रित अधिकारियों को मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने 14 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। विशेष लोक अभियोजक बिजान महाजन ने बताया कि कोर्ट ने सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अधिकारियों को 8 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। इन पर गैर कानूनी तरीकों से नौकरी हासिल करने का आरप है। इनमें से सात आरोपी असम सिविल सर्विस के अधिकारी हैं जबकि पांच असम पुलिस सर्विस व दो एलाइड सर्विसेज के अधिकारी हैं। पुलिस ने असम सिविल सर्विस के जिन अधिकारियों को गिरफ्तार किया उनमें पल्लबी सरमा चौधरी, दीपक खानिकार, देबाजीत बोरा, अनिरुद्ध रॉय, हिमांग्सु चौधरी, कुणाल दास और डी.बोरगोयारी शामिल है। सबीराम इमरान, जयंता कुमार नाथ, हर्ष ज्योति बोरा, हेमंता सैकिया व जतिन्द्र प्रसाद बरुआ असम पुलिस सर्विस के अधिकारी हैं। अमरजीत दास व राजू साहा एलाइड सर्विसेज के अधिकारी हैं।