उत्तराखंड में महंगाई भत्ते की मंजूरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की मुराद सरकार ने पूरी कर दी। धामी कैबिनेट ने प्रदेश के सभी शिक्षक-कार्मिकों को पुनरीक्षित 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। यह फैसला एक जुलाई 2021 से मान्य होगा। इस बढ़़ोतरी के साथ कर्मचारियों का संशोधित भत्ता 28 प्रतिशत हो गया है। शुक्रवार देर शाम सरकार ने इसका शासनादेश भी जारी कर दिया है।

इसके साथ ही सरकार ने नजूल धारकों को भूमि फ्री होल्ड कराने का अधिकार भी दे दिया। अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए विकास प्राधिकरणों की वन टाइम सेटलमेंट योजना को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया है। फैसलों की जानकारी देते  हुए शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि शुक्रवार को कैबिनेट में 29 प्रस्ताव आए थे। इनमें तीन को निरस्त कर दिया गया, जबकि दो पर मुख्यमंत्री को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।

सरकार ने श्रीनगर नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा देने का भी निर्णय लिया है। साथ ही लोहाघाट नगर पंचायत को उच्चीकृत करते हुए नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया है। जबकि टिहरी जिले में  तपोवन के रूप में नई नगर पंचायत और यूएसनगर में नगला के रूप में नई नगर पालिका का गठन किया गया है। नगला को पहले नगर पंचायत बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन इसका विधिवत शासनादेश होने से पहले ही इसे अब उच्चीकृत कर नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया है। 

कैबिनेट फैसले

-उत्तराखंड की चतुर्थ विधानसभा 2021 के द्वितीय सत्र का सत्रावसान करने की अनुमति। 

-पेट्रोल फिलिंग स्टेशन की स्थापना में भवन निर्माण और अन्य टैक्स में 50  फीसदी तक छूट 

-राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्र टाइप-ए,बी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,उप जिला व जिला चिकित्सालय श्रेणी में होंगे

-उत्तराखंड राजस्व चकबन्दी (उच्चतर) सेवा नियमावली-2021 को मंजूरी, 471 पदों के ढांचे का पुनर्गठन

-विकास प्राधिकरणों में वन टाइम सेटलमेंट योजना को 31 मार्च 2022 तक आगे विस्तारित किया गया

-यूपी आवास विकास की उत्तराखंड स्थित परिसपंत्तियों की बिक्री, निर्माण विकास कार्यों से रोक हटी

-एविएशन टरबाइन फ्यूल की वैट दर 20 फसदी से घटा कर 02 प्रतिशत करने का निर्णय। 

-केदारनाथ-बदरीनाथ में 75 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य सिंगल बिड के जरिए हो सकेंगे