नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की आर्थिक मामलों की समिति ने मणिपुर में 1630.29 करोड़ रुपए की लागत से एनएच-39 के 65 किलोमीटर लंबे इंफाल-मोरेह सेक्शन को उन्नत करने व चौड़ा करने के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। मणिपुर चारों तरफ से जमीन से घिरा राज्य है। इसका 90 फीसदी हिस्सा दुर्गम क्षेत्र है। राज्य में आवाजाही का माध्यम केवल सड़क परिवहन है, इसलिए राज्य की प्रगति और अलग थलग पड़ी व दूरदराज की आबादी तक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चि करने के लिए सड़क संरचना संपर्क में सुधार सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

 

परियोजना से इंफाल और राज्य के पूर्वी क्षेत्र के बीच संपर्क बढ़ेगा। वर्तमान और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं के आधार पर एनएच-39 को लिलोंग गांव व वनजिंग गांव के बीच 4 लेन तक चौड़ा बनाया जाएगा। वनगिंज गांव से खोंगखांग तक के हिस्से को पक्के आधार के साथ 2 लेन में उन्नत किया जाएगा। यह परियोजना दक्षिण एशिया उप क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग(एसएसईसी) सड़क संपर्क निवेश कार्यक्रम के अंतर्ग एडीबी की ऋण सहायता से विकसित की जा रही है। कार्यक्रम का मकसद बांग्लादेश,नेपाल,भूटान और भारत में सड़क संरचना को उन्नत बनाना है। परियोजना गलियारा एशियाई उच्च मार्ग संख्या-1(एएच-1) का हिस्सा भी है और यह पूर्व में भारत के द्वार का काम करता है। इस तरह क्षेत्र में व्यापार वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।