मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा है कि केंद्र में किसी की भी सरकार आ जाए, लेकिन राज्य में नेशनल पीपुल्स पार्टी की अगुवाई में मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस सरकार काम करती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता विधेयक पूर्वोत्तर भारत ही नहीं, बल्कि देश के हर एक नागरिक के लिए चिंता का विषय है। वह स्पष्ट करना चाहेंगे कि प्रदेश में एमडीए सरकार स्थिर व मजबूती के साथ काम करती रही है।


दिल्ली में जो कुछ भी होगा, इसे देश की जनता तय करेगी। किंतु उन्हें लगता है कि जिस तरह से मेघालय में वे काम कर रहे हैं, आगे भी करते रहेंगे। उन्हें यह कतई फर्क नहीं पड़ता केंद्र में कौन आ रहा है। उनके लिए मेघालय एवं पूर्वोत्तर की जनता सर्वोपरि है। बावजूद इसके देश में लोकसभा चुनाव के परिणाम क्या आते हैं, इस पर भी उनकी नजर रहेगी। आगामी 23 मई तक वे भी प्रतीक्षा करेंगे।


एनपीपी के नेतृत्व वाली एमडीए सरकार को यूडीपी, पीडीएफ, एचएसपीडीपी, भाजपा, एनसीपी और निर्दलीय का समर्थन मिल रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या नागरिकता विधेयक इस लोकसभा चुनाव में एमडीए को प्रभावित करेगा, मुख्यमंत्री ने कहा यह विधेयक पूरे उत्तर पूर्व और देश के हर एक नागरिक की चिंता है। इसमे संदेह नहीं कि यह एक मुद्दा है। लोग इसके बारे में चिंतित हैं। उन्हें यकीन है कि यह मेरा मुद्दा है, जिसे लोगों ने चुनाव प्रचार अभियान और मतदान के दौरान भी सोचा होगा। यही कारण है कि सभी राजनीतिक दलों ने विधेयक के बारे में उल्लेख किया है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि एमडीए पहले दिन से ही कहती आ रही है कि वह इसके विरुद्ध है। पूर्वोत्तर के हितों को लेकर समझौता नहीं कर सकती। इस संबंध में मेघालय सरकार ने अपने रुख को जनता के समक्ष सबसे पहले स्पष्ट किया। यही नहीं दिल्ली में भाग-दौड़ कर अलग-अलग राजनीतिक दलों से मुलाकात कर विधेयक को आने से रोका गया। यह भी तय है भाजपा इसे दोबारा लाने को प्रतिबद्ध है। लेकिन उनकी सरकार इसके खिलाफ आगे भी विरोध दर्ज करने को संकल्पित है। वह अपने रुख पर अडिग है। अपने लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।