जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के दो जिलों पुंछ और राजौरी में आतंकवाद रोधी अभियान (counter terrorism operation) सोमवार को लगातार 15वें दिन भी जारी रहा। अब तक दो जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) सहित नौ जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि 6 आतंकवादी ढेर (Encounter in Jammu and Kashmir) किए जा चुके हैं। घने जंगलों में छिपे आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर हो रही फायरिंग में एक जवान और दो पुलिसकर्मी घायल भी हो गए हैं। इसके अलावा आतंकियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए जेल में बंद एक आतंकी को भी मुठभेड़ वाली जगह लेकर जाया गया था, जिसमें वह भी घायल हो गया और बाद में उसने दम तोड़ दिया।

तलाशी ले रहे सैनिकों और आतंकवादियों के बीच पहली मुठभेड़़ (Encounter in Jammu and Kashmir) पुंछ जिले के धेरा की गली (डीकेजी) में 11 अक्टूबर, 2021 को हुई थी। शुरू में ऑपरेशन पुंछ में डीकेजी तक सीमित था, मगर बाद में इसे पड़ोसी राजौरी जिले के वन क्षेत्र तक बढ़ा दिया गया। अब तक, छिपे हुए आतंकवादियों की संख्या के बारे में कोई सही अनुमान नहीं लगाया जा सका है। इसके अलावा यह बात भी स्पष्ट नहीं हुई है कि ये आतंकी (Terrorists in Jammu and Kashmir) पहले से मौजूद समूह से संबंधित हैं या हाल ही में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करके यहां पहुंचे हैं। रक्षा सूत्रों ने शुरू में कहा था कि यह भीतरी इलाकों में पहले से मौजूद एक समूह है, जो घाटी से जम्मू संभाग के पुंछ जिले की ओर बढ़ रहा है।

विश्वसनीय सूत्रों ने कहा कि 23 अक्टूबर को श्रीनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) द्वारा की गई सुरक्षा समीक्षा के दौरान, खुफिया एजेंसियों ने शाह को बताया कि ऑपरेशन क्षेत्र के अंदर फंसे लोगों ने हाल ही में जम्मू संभाग में घुसपैठ की थी। दो दिन पहले, स्थानीय पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से स्थानीय लोगों से वन क्षेत्र में न जाने या वहां अपने जानवरों को चराने लेकर जाने की कोशिश नहीं करने की घोषणा की थी। शेष आतंकवादियों को इलाके से बाहर निकालने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पैरा कमांडो को भी तैनात किया गया है। 

आतंकवादियों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के संदेह में दो स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादियों के समूह के साथ एक स्थानीय गाइड भी है और जब उन्हें शुरू में देखा गया था, तब इसका पता चला। सुरक्षा बल एक ठिकाने का पता लगाने के लिए लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के एक आतंकवादी पाकिस्तान से संबंधित जिया मुस्तफा को ऑपरेशन क्षेत्र में ले गए। मुस्तफा को जम्मू की एक जेल में रखा गया था, जहां से सुरक्षा बल उसे ऑपरेशन स्थल पर ले गए। पुलिस ने कहा कि जैसे ही सुरक्षा बल ठिकाने के करीब पहुंचे, आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की, जिसमें सेना का एक जवान, दो पुलिसकर्मी और विदेशी आतंकवादी जिया घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने कहा, हमने घायल सुरक्षाकर्मियों को इलाके से निकाला, लेकिन घायल आतंकवादी को नहीं निकाल सके, जिसकी बाद में मौत हो गई। पिछले 15 दिनों के दौरान क्षेत्र से रुक-रुक कर गोलीबारी की सूचना मिली है।