एंटी-ग्राफ्ट क्रूसेडर अन्ना हजारे कहे जाने वाले और आंदोलनों के नेता अब देश में चल रहे  किसान आंदोलन के मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। अन्ना ने कहा कि किसानों से संबंधित मुद्दों पर जनवरी में नई दिल्ली में अंतिम प्रदर्शन आंदोलन शुरू करेंगे। हजारे ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखा और कहा कि उन्होंने अगले महीने से दिल्ली में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है, इसी के साथ मंत्री तोमर और केंद्र को एमएस स्वामीनाथन आयोग द्वारा की गई सिफारिशों को लागू करने सहित उनकी मांगें पूरे ना करने पर भूख हड़ताल फिर से शुरू करने की चेतावनी दी।


अन्ना हजारे ने कहा कि यदि सरकार MS स्वामीनाथन आयोग द्वारा की गई सिफारिशों को लागू करती है, तो ही किसानों के आत्महत्या के मामलों को रोका जा सकता है। फल, दूध, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को भी निर्धारित किया जाना चाहिए। बता दें कि रिलीज ने आंदोलन के शुरू होने की तारीख प्रदान नहीं की है। मूल्य आश्वासन और फार्म सेवा अधिनियम, 2020 के किसानों (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौते, किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 और आवश्यक वस्तु के खिलाफ किसानों के खिलाफ एक महीने से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


उल्लेखनीय है कि किसान आंदोलन कृषि संशोधन अधिनियम, 2020 के खिलाफ वे इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार इन नियमों को निरस्त करने की बजाए नियमों संशोधन कर रहे हैं। किसान यह मानने को तैयार भी नहीं है। 34  दिन से चल रहे किसान आंदोलन के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कृषि क्षेत्र सुधार कानून केंद्र सरकार द्वारा एक कदम है कि बिचौलियों को हटाने और किसानों को देश में कहीं भी बेचने की इजाजत दी गई है।