जम्मू। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने ड्रोन खतरों को वर्तमान परिदृश्य में सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए शनिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) पर ड्रोन रोधी सिस्टम लगाए जा रहे हैं। सिंह ने यहां सुचेतगढ़ सेक्टर में ऑक्ट्रोई पोस्ट का दौरा करने दौरान मीडिया से बातचीत में कहा, 'बीएसएफ के जवान राष्ट्र-विरोधी तत्वों के किसी भी नापाक मंसूबों से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम हैं।'

यह भी पढ़े- मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पंजाब सरकार ने दिखाया बड़ा दिल, युवाओं को दिया तोहफा

उन्होंने कहा, 'मौजूदा परि²श्य में ड्रोन खतरा सबसे बड़ी चुनौती है और बीएसएफ इस चुनौती से बहुत प्रभावी ढंग से निपट रही है और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन रोधी प्रणालियां स्थापित की जा रही हैं।' जम्मू स्थित बीएसएफ के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुरजीत सिंह सेखों ने मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य के तहत सीमा क्षेत्र के प्रबंधन की जटिलताओं के बारे में बीएसएफ के डीजी को जानकारी दी और उन्हें जम्मू आईबी पर बीएसएफ द्वारा सामना किए जा रहे हालिया खतरों के बारे में भी बताया। 

बीएसएफ प्रमुख ने जम्मू फ्रंटियर के बीएसएफ महानिरीक्षक (आईजी) डी के बूरा और अन्य अधिकारियों के साथ रिट्रीट समारोह का निरीक्षण किया। प्रशिक्षित बीएसएफ पुरुष और महिला जवानों ने शानदार परेड और बीएसएफ बैंड ने देशभक्ति की धुन बजाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री ङ्क्षसह ने सैनिकों के साथ बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उनकी व्यावसायिकता के लिए उनकी सराहना की। 

यह भी पढ़े- त्रिपुरा में माकपा के राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा के बाद भाजपा से सीधी लड़ाई

उन्होंने सैनिकों के समर्पण और इस रिट्रीट समारोह को आकर्षक बनाने के निरंतर प्रयासों की भी सराहना की। दौरे के दौरान बीएसएफ डीजी ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर राजभवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी भाग लिया। बीएसएफ डीजी ने आश्वासन दिया कि बीएसएफ किसी भी प्रकार के खतरे से निपटने और राष्ट्र विरोधी तत्वों के नापाक मंसूबों को हराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बाद में वह सीआरपीएफ के 83 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी शामिल हुए।