उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत गेहूं खरीद के काम में तेजी नहीं आ पा रही है और किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के स्थान पर सस्ते दामों पर खुली मंडियों में बेच रहा है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति कुंतल है वहीं खुली बाजार में गेहूं 1800 से 1850 रुपए प्रति कुंतल बिक रहा है। बुलंदशहर जनपद की पूरी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और जिला समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं खरीद में सदैव अग्रणी रहा है। 

गेहूं खरीद के जिला अधिकारी एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त राजस्व सहदेव मिश्र ने बताया कि इस बार जिले में 107 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं जिसमें 87 क्रय केंद्र पीसीएफ के 15 केंद्र हाट शाखा के चार केंद्र भारतीय खाद्य निगम के और एक केंद्र मंडी समिति का है जिन पर सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गई। गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए पोर्टल से क्रय केंद्र क्षेत्रवार गांव से संबंध किए गए हैं। इससे किसान अपना गेहूं संबद्ध क्रय केंद्र पर ही बेच सकते हैं। 

एडीएम ने बताया कि जिले में गेहूं उत्पादक किसानों की संख्या तीन लाख 14 हजार है जो किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने के इच्छुक हैं पहले उनको अपना पंजीकरण कराना होगा। अभी तक 12000 के लगभग किसानों ने अपना गेहूं बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीयन कराया है। प्रत्येक क्रय केंद्र पर कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए गेहूं खरीद के निर्देश दिए गए हैं। क्रय केंद्रों पर सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध है। एडीएम वित्त ने बताया कि गेहूं की खरीद 1975 रुपए प्रति कुंतल की दर से की जा रही है इस बार शासन ने खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है जबकि गत वर्ष 1 लाख 13 हजार मेट्रिक टन के सापेक्ष 92160 मेट्रिक टन की खरीद हुई थी। 

शासन के निर्देश के अनुसार गेहूं खरीद का कार्य जिले में 1 अप्रैल से शुरू हो गया लेकिन जिले के 2 दर्जन से अधिक क्रय केंद्रों पर ही अभी तक गेहूं की खरीद हुई है बाकी क्रय केंद्रों पर गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया अभी तक जिले में 1500 मेट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हुई है। जिले में गेहूं की फसल की कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। गहाई का काम चल रहा है और किसान अपने गेहूं को जल्दी से जल्दी खलियान से उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहा है।