गुवाहाटी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम कथित फेसबुक एकाउंट में असम की एक घटना से  संबंधित अश्लीन  फोटो पोस्ट करने को लेकर राज्य में आक्रोश की लहर है । कई जगह उनके पुतले भी जलाए गए। अखिल असम आदिवासी छात्र संस्था की ओर से मोरानहाट में इस बारे में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

वहीं काग्रेस ने इसे उसको बदनाम करने की भाजपा की साजिश का एक  हिस्सा बताया है। फेसबुक पोस्ट में कथित तौर पर बंगाल में काग्रेस कर्मियों  की करतूत बताते हुए जारी किया गया था । प्रदेश कांग्रेस के सचिव व प्रवक्ता प्रफुल्ल कुमार दास ने एक बयान जारी कर इसे अत्यंत निंदनीय बताया है।

उनके मुताबिक कई  साल पुरानी और गुवाहाटी में घटी घटना की फोटो एक अन्य समुदाय की युवती की और बंगाल में घटी बता फेसबुक पर डालना भाजपा की मानसिकता को जताता है । इस पोस्ट को भाजपा के एक सांसद की तरफ से शेयर करना और भी अशोभनीय है । 

इसके लिए उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। इस बीच किसान  नेता अखिल गोगोई ने भी इसे लेकर  आक्रोश जताया है । उन्होंने कहा है कि ऐसा करके  एक बार  फिर बरसो पहले निर्यातित हुई युवती को फिर से शिकार बनाया गया है।

हालांकि भाजपा ने उक्त फेसबुक एकाउंट को  फर्जी बताया है । पांच दिन पहले योगी आदित्यनाथ के  नाम से फेसबुक पर खुले उक्त एकाउंट में यह विवाहित पोस्ट जारी हूई थी। उसमें दिख रही दो तस्वीरों को काग्रेस कार्यकर्ताओं की बताते हुए पश्चिम बंगाल में एक हिंदू महिला को निशाना  बनाने की  बात लिखी गई थी  । 

जबकि वह फोटो  नवंबर 2007 में गुवाहाटी में एक आदिवासी युवती के साथ घटी शर्मनाक  घटना को बताई गई है । आदिवासी संगठनों ने इसके विरोध में ढेकियाजुली  में योगी  के पुतले जलाए हैं।