पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग (Pawan Chamling) ने कहा है कि ताशीलिंग सचिवालय (Tashiling Secretariat) में तोडफ़ोड़ सिक्किम की सुरक्षा और गरिमा पर हमला था। बता दें कि बीते दिनों ताशीलिंग सचिवालय, स्वास्थ्य सचिवालय और परिसर के दो एटीएम बूथों में तोडफ़ोड़ की थी। हालांकि अभी तक आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। आरोपियों के बारे में सूचना देने वाले को तीन लाख रुपए के पुरस्कार की घोषणा की गई है। 

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चामलिंग (Pawan Chamling)  ने कहा कि राज्य सचिवालय में हुई तोडफ़ोड़ एक अत्यंत गंभीर मामला है। सिक्किम (Sikkim) एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते पश्चिम, उत्तर और पूर्व में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सेंध लगाकर चोरी करने का मामला नहीं है, क्यों ताशीलिंग सचिवालय कार्यालय भवन है। अगर उन्हे पैसे चाहिए होते तो वे बैंक, व्यापारिक कंपनी या अमीर लोगों के घरों में सेंधमारी करते। उन्होंने सचिवालय (attack on Secretariat)  पर हमला क्यों किया? उन्होंने गृह विभाग के स्टोर और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालयों में तोडफ़ोड़ क्यों की? हमारे देश के इतिहास में अब तक किसी भी राज्य सचिवालय पर हमला नहीं हुआ है। यह एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा हो सकता है। 

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एसडीएफ अध्यक्ष चामलिंग (SDF President Chamling) ने कहा कि यह और भी चिंताजनक है कि अभी तक दोषियों को पकड़ा नहीं जा सका है। उनकी पूरी हरकत सीसी कैमरे में कैद होनी चाहिए थी। पुलिस को उन फुटेज का इस्तेमाल अपराधियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए करना चाहिए था। यह शर्म की बात है कि सिक्किम पुलिस, भारत के सबसे प्रसिद्ध पुलिस बलों में से एक, राज्य के सबसे सुरक्षित कार्यालय भवन में सेंध लगाने वाले बदमाशों को पकडऩे में सक्षम नहीं है? उन्होंने कहा कि सचिवालय काफी सुरक्षित जगह है। यहां सेंध लगाने की कोशिश करना भी असंभव है। यह तभी संभव है जब अपराधियों को सरकार का संरक्षण मिला हो। जो बात मेरे संदेह को और भी गंभीर बनाती है वह यह है कि गृह विभाग में तोडफ़ोड़ की गई है। यह वह विभाग है जो राज्य प्रशासन के दिल की तरह है।