रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है। एक तरफ जहां रूसी सेना राजधानी कीव में घुसने की कोशिश कर रही है। वहीं, यूक्रेनी सेना भी डटकर मुकाबला कर रही है। Russia Ukraine War बीच रूस पर दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा प्रतिबंध लगाने का सिलसिला जारी है। इसी बीच एम्स्टर्डम स्थित रूसी Amsterdam Orthodox Church ने यूक्रेन पर हमले के विरोध में मॉस्को से अलग होने की घोषणा की है।

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चर्च के बयान में कहा गया है कि पादरियों ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि उनके लिए मॉस्को के तहत कार्य करना और चर्च पर विश्वास करने वाले लोगों के लिए आध्यात्मिक रूप से सुरक्षित वातावरण प्रदान करना अब संभव नहीं है। ऐसे में यह फैसला लेना पड़ा। बयान में कहा गया कि यह निर्णय सभी के लिए बेहद कठिन है। उन्होंने हेग में रूसी आर्थोडॉक्‍स चर्च के आर्कबिशप एलिसी से, उन्हें बर्खास्त करने के लिए कहा था और कॉन्स्टेंटिनोपल आर्थोडॉक्‍स चर्च में शामिल होने के लिए आवेदन किया था।

रूसी पैट्रिआर्क किरिल ने यूक्रेन पर मॉस्को के हमले का समर्थन किया था। इसके बाद दुनिया भर में आर्थोडॉक्‍स चर्च को अलग-थलग कर दिया है। इससे एक आंतरिक विद्रोह शुरू हो गया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी 75 वर्षीय किरिल युद्ध को पश्चिम के खिलाफ एक सुरक्षा कवच के रूप में देखते हैं। वह इसे एक धर्मयुद्ध मानते हैं।

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हमले पर आपत्ति करने वाली रूसी आर्थोडॉक्‍स चर्च की एम्स्टर्डम शाखा एकमात्र नहीं है। रूसी पादरियों एक समूह के लगभग 300 ऑर्थोडोक्स सदस्यों ने यूक्रेन में किए गए हमले की निंदा करते हुए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।