अफगानिस्तान के प्रथम उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने खुद को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। सलेह ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा कि अफगानिस्तान के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, पलायन, इस्तीफा या मृत्यु की हालत में फर्स्ट वाइस प्रेसिडेंट कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाता है। मैं इस समय अपने देश में हूं और वैध केयरटेकर प्रेसिडेंट हूं। मैं सभी नेताओं से उनके समर्थन और आम सहमति के लिए संपर्क कर रहा हूं। 

इस ट्वीट से पहले किए गए एक ट्वीट में सलेह ने कहा था कि अफगानिस्तान पर अमेरिकी राष्ट्रपति से बहस करना बेकार है। उन्हें यह सब पचा लेने दें। हम अफगानों के यह साबित करना होगा कि अफगानिस्तान वियतनाम नहीं है और तालिब भी कहीं से वियतकांग के आसपास भी नहीं हैं। यूएस-नाटो के विपरीत हमने हौसला नहीं खोया है और हम अपने सामने अपार संभावनाएं देख रहे हैं। बेकार का विरोध खत्म हो गया है। प्रतिरोध में शामिल हों। 

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए अफगान नेतृत्व को बिना किसी संघर्ष के तालिबान को सत्ता सौंपने के लिए जिम्मेदार ठहराया और साथ ही तालिबान को चेतावनी दी कि अगर उसने अमेरिकी कर्मियों पर हमला किया या देश में उनके अभियानों में बाधा पहुंचायी, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा।  बाइडन ने अफगानिस्तान से आ रही तस्वीरों को अत्यंत परेशान करने वाली बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक किसी ऐसे युद्ध में नहीं मर सकते जो अफगान बल अपने लिए लड़ना ही नहीं चाहते।