कोरोना के साथ ही अब एक और बड़ी आपदा आ गई है। यह आपदा ‘अम्फान’ चक्रवाती तूफान है। यह तूफान सुपर साइक्लोन में बदल चुका है जो 20 मई को गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट को पार कर सकता है। इसकी वजह से ओडिशा के तटीय इलाकों और पश्चिम बंगाल की गंगा नदी के पास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।


गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री की बैठक शाम चार बजे से शुरू हो गई है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं। मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकारों को जारी परामर्श में कहा कि ‘अम्फान’ सोमवार सुबह दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों और बगल की मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद है।
मौसम विभाग के मुताबिक ‘अम्फान’ सुपर साइक्लोन में बदल चुका है और यह 20 मई को गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट को पार कर सकता है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विभाग ने कहा है कि अम्फान अगले 6 घंटे में सुपर साइक्लोन तूफान में बदल सकता है। ओडिशा के गजपति, पुरी, गंजाम, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कल बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, खुर्जा और कटक में बारिश में तेजी आ सकती है।
मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात से तटीय ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गंगा से लगने वाले क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। ओडिशा सरकार जहां संवेदनशील इलाकों में रह रहे 11 लाख लोगों को निकालने की तैयारी कर रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने तटीय जिलों के लिए अलर्ट जारी किया और राहत टीमें भेजी हैं।