केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के पारित होने से विपक्षी दल को पेट दर्द होने लगा है। वह उसके खिलाफ हिंसा भड़का रही है।

जनसभा को कर रहे थे संबोधित

गृहमंत्री ने गिरिडीह, बाघमारा और देवघर विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी जनसभाओं में कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के पारित होने से विपक्षी दल को पेट दर्द होने लगा है। उन्होंने कहा कि हम नागरिकता संशोधन अधिनियम लेकर आए हैं और कांग्रेस को पेट दर्द होने लगा है। वह उसके खिलाफ हिंसा भड़का रही है।



राहुल को नहीं है इतिहास की जानकारीः शाह

राहुल गांधी पर प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बस शोर मचा रहे हैं। उन्हें भारत के इतिहास की जानकारी नहीं है और उन्होंने अपनी आंखों पर ‘इतालवी चश्मा’ लगा रखा है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की युवा ईकाई का एक जिलाध्यक्ष भी यह बता सकता है कि झारखंड में पांच साल के भाजपा शासन में क्या-क्या विकास कार्य हुए और राहुल गांधी की कांग्रेस ने 55 साल के अपने शासन दौरान क्या कार्य किए।

भाजपा सरकार को सत्ता में लाने की अपील

यहीं नहीं शाह ने कांग्रेस पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने, कश्मीर को आतंकवादियों के हाथों में सौंप देने और अयोध्या मुद्दे को सालों तक लटकाने का भी आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस भाजपा पर मुसलमान विरोधी होने का आरोप लगाती है लेकिन यही राजग सरकार है जो तीन तलाक कानून लाई। गृहमंत्री ने मतदाताओं से राज्य से वाम चरमपंथ को उखाड़ फेंकने के लिए भाजपा सरकार को फिर से सत्ता में लाने की अपील की।


इस मौके पर वो पूर्वोत्तर के राज्यों का जिक्र करने से भी पीछे नहीं हटें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नॉर्थ ईस्‍ट खासकर मेघालय को उम्‍मीद बंधाई कि क्रिसमस के बाद वह नागरिकता कानून पर विचार करने को तैयार हैं।